31 Mar 2020, 13:9 HRS IST
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  • पानी संकट हेतु राजस्थान में जनांदोलन
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  • .                                               सूर्या एस पिल्लई

    झालावाड़ :राजस्थान:, एक फरवरी :भाषा: देश के कुल जल संसाधनों का मात्र 1.6 फीसदी ही अपने हिस्से में रखने वाले राजस्थान ने अपने सूखते प्राकृतिक संसाधनों के पुनर्भरण के लिए ‘जनांदोलन’ शुरू किया है।
    मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान :एमजेएसए: के तहत यह जनांदोलन चलाया जा रहा है। राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किए गए एमजेएसए का उद्देश्य प्रत्येक गांव को पानी को लेकर आत्म निर्भर बनाना और भूमि की उत्पादकता बढ़ाना है। इसके तहत चार साल में विभिन्न चरणों में 3,000 से अधिक गांवों को कवर किया जाएगा।
    अभियान का प्रथम चरण मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने निर्वाचन क्षेत्र झालावाड़ से शुरू किया। उन्होंने कहा कि इस पहल में कई लोगों, गैर सरकारी संगठनों, कारपोरेट जगत, सामाजिक, धार्मिक एवं यहां तक कि जातिगत संगठनों को भी शामिल किया गया है।
    उन्होंने कहा ‘‘समाज के हर वर्ग के सामने जल संकट मुख्य मुद्दा है। इसीलिए यह अभियान एक जनांदोलन है जहां हर कोई इस मुद्दे से खुद को जुड़ा महसूस कर रहा है। ये लोग श्रम या धन या और किसी तरह से सहयोग जरूर दे रहे हैं।’’ राजे ने पीटीआई भाषा को बताया ‘‘एक ऐसे राज्य के लिए इस तरह का अभियान समय की मांग है जहां बहुत ही कम बारिश होती है और लोग जलसंकट से जूझते हैं। हमने परंपरागत ज्ञान और आधुनिक प्रौद्योगिकी दोनों का उपयोग जल संरक्षण योजना के लिए करने का फैसला किया है ताकि हमारे गांव पानी के मामले में आत्म निर्भर हो सकें।’’संपादकीय सहयोग : अतनु दास

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