25 Mar 2019, 21:54 HRS IST
  • विपक्ष आतंकवाद के समर्थकों की शरणस्थली है - मोदी
    विपक्ष आतंकवाद के समर्थकों की शरणस्थली है - मोदी
    वृंदावन:भाजपा सांसद हेमामालिनी ने  अपने घर में मनायी होली
    वृंदावन:भाजपा सांसद हेमामालिनी ने अपने घर में मनायी होली
    हावड़ा : मंदिर के प्रांगण में होली खेलते श्रद्धालु
    हावड़ा : मंदिर के प्रांगण में होली खेलते श्रद्धालु
    अहमदाबाद : रंगों में सराबोर एक लड़की
    अहमदाबाद : रंगों में सराबोर एक लड़की
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम मुलाकात
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
    • मुलाकात
    • रेटिंग   Rating Rating Rating Rating Rating
  •  
  • गांधी हर हिन्दुस्तानी के डीएनए में हैं : अयान अली
  • [ - ] आकार [ + ]
  •         नई दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) प्रख्यात सरोद वादक अमजद अली खान और उनके पुत्र अमान अली तथा अयान अली बंगश महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उनके प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेणे कहिए’ को एक नए रूप में सबके सामने ला रहे हैं। तीनों सरोद वादकों ने इसके लिए एक वीडियो तैयार किया है जिसे दो अक्तूबर को जारी किया जाना है। इस मौके पर भाषा ने गांधी, उनके वीडियो और संगीत को लेकर अयान अली बंगश से किए ये पांच सवाल - 


    प्रश्न - गांधी को पिछले कुछ समय से एक विशेष विचारधारा में रखने की कोशिश की जा रही है। क्या गांधी किसी विशेष विचारधारा में बांधे जा सकते हैं ? 
    अयान - मेरा मानना है कि गांधी हर हिंदुस्तानी के डीएनए में हैं और वह सबके हैं। उनकी शिक्षा, यात्रा, आंदोलन और सत्याग्रह को लेकर इतनी कहानियां हैं कि हर व्यक्ति उन्हें अपने हिसाब से अपना सकता है।

    प्रश्न - गांधी को लेकर इस वीडियो की वजह ? अहम क्या है इस वीडियो में ? 
    अयान - हमने इस वीडियो को तीस जनवरी मार्ग (बिड़ला हाउस) में शूट किया है। इसमें अब्बा (अमजद), मैं और भाई अमान साथ हैं। हमने गांधी के चरखे, लाठी और बैठक को इसमें दिखाया है जो कहीं ना कहीं आज भी उनका संदेश देते हैं। दो अक्तूबर को हम बापू की 150वीं जयंती के जश्न की शुरूआत कर रहे हैं। इसलिए हमें लगा कि हमें उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहिए।

    इसका ऑडियो हम एचसीएल म्यूजिक पर जारी कर चुके हैं, लेकिन यूट्यूब इत्यादि पर यह दो अक्तूबर को आएगा।

    प्रश्न - गांधी का संगीत क्या है ? 
    अयान - बापू का संगीत मूल रूप से भक्ति संगीत है। ‘रघुपति राघव राजा राम’ और ‘वैष्णव जन तो तेणे कहिए’ उनके प्रिय भजन थे। वह प्रार्थना सभा करते थे और इसी में सत्याग्रह, अहिंसा जैसे संदेश देते थे जो अब भी प्रासंगिक बने हुए हैं। उन्होंने अपने संगीत का उपयोग लोगों को जागरुक करने में किया। इतना ही नहीं, उनके प्रिय और निकटतम गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगौर ने भी संगीत को समृद्ध बनाया है।

    प्रश्न - गांधी ने संगीत को आजादी के आंदोलन से जोड़ा । वर्तमान में विभिन्न तरह की सामाजिक-राजनीतिक समस्याएं हैं । ऐसे में संगीत क्या भूमिका निभा सकता है ? 
    अयान - हमारा साज़ तो बेजुबां हैं, सिर्फ सुरों पर आधारित है, लेकिन अल्फ़ाज़ों में बहुत ताकत होती है। तो मुझे लगता है कि यदि सुरों के साथ शब्दों को भी पिरो दिया जाए तो उसका प्रभाव निश्चित तौर पर पड़ता है। अल्फ़ाज़ों से आप देशभक्ति का भाव भी भर सकते हैं और भक्ति का भी ।

    प्रश्न - गांधी को आप वर्तमान में कैसे देखते हैं ? 
    अयान - गांधी ने सत्याग्रह और अहिंसा का संदेश दिया। वह आज भी हमारी रगों में हैं। मेरा मानना है कि यदि हम उनके विचारों को सही मायनों में अपना सकें तो हम विश्व में शांति ला सकते हैं।

रेट दें
Submit
  • इस मुलाकात पर अपनी राय दें
  • अन्य मुलाकात
  •     
add