19 Nov 2019, 12:2 HRS IST
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  • सितारवादक पंडित रविशंकर भी हैं लता और आशा के मुरीद
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  •                                                दीपक सेन
    नयी दिल्ली, तीन फरवरी :भाषा: देश और दुनिया को अपने सितार के तारों से झंकृत कर देने वाले दिग्गज सितार वादक पंडित रविशंकर को आज भी किसी कंसर्ट से पहले ठीक वैसी ही घबराहट होती है जैसी पहली दफा कार्यक्रम पेश करने वाले किसी कलाकार को होती है।राजधानी में पिछले दिनों पाश्र्व गायिका आशा भोसले को सम्मान देने के बाद ‘भाषा’ से बातचीत में पंडित रविशंकर ने बताया कि वह पाश्र्व गायिका लता मंगेशकर एवं आशा भांेसले के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने कहा, ‘‘न केवल आशा भांेसले बल्कि लता मंगेशकर भी बेहतरीन पाश्र्व गायिका हैं और मैं दोनों बहनों :लता मंगेशकर और आशा भोसले: का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं।’’ बालीवुड और हालीवुड की कई फिल्मों से जुड़े रहे ‘सितार के सरताज’ ने कहा, ‘‘मुझे दोनों बहनों द्वारा गायी गयी कई ठुमरी और गजल बहुत अच्छी लगती हैं। इसके अलावा इन दोनो के शास्त्रीय संगीत पर आधारित एक नहीं बल्कि कई गीत मुझे बेहद पसंद है।’’ भारतीय शास्त्रीय संगीत को ‘नट भैरव’, ‘अहीर ललित’, ‘यमन मांझ’ और ‘पूर्वी कल्याण’ सहित तकरीबन 30 नये रागों की सौगात देने वाले पंडित रविशंकर ने कहा, ‘‘अभी भी किसी कंसर्ट में शिरकत करने के पहले मेरे दिल में वैसी ही घबराहट होती है, जैसी पहली दफा कंसर्ट करने वाले किसी कलाकार को होती है।’’ बंेगलूर में होने वाले कंसर्ट के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में 92 वर्षीय पंडित रविशंकर ने कहा, ‘‘इसे भी लेकर मैं बहुत ‘नर्वस’ हूं और मेरे दिल में घबराहट के साथ उत्सुकता भी है।’’ यह एक ऐसे कलाकार की टिप्पणी है, जिसके साथ काम करने वाले जार्ज हैरिसन ने कहा था, ‘‘रविशंकर, विश्व संगीत के पितामह हैं।’’ वहीं, येहुदी मेनुहिन ने कहा था, ‘‘रविशंकर ने मुझे एक अमूल्य तोहफा दिया, जिसके जरिये मैं अपने संगीत के सफर को नयी दिशा दे सका। मेरी नजर में उनकी महानता और मानवता के प्रति दृष्टि की तुलना केवल मोजार्ट से की जा सकती है।’’ 1982 की फिल्म ‘गांधी’ में जार्ज फेंटन के साथ संगीत देने वाले पंडित रविशंकर ने कहा, ‘‘गांधी कई मायनों में बिल्कुल अलग तरह की फिल्म थी और वास्तव में यह एक उत्कृष्ट कृति थी। इसके निर्देशक रिचर्ड एटनबरो के साथ काम करने का अनुभव अविस्मरणीय है।’’ गौरतलब है कि पंडित रविशंकर द्वारा सत्यजीत राय की ‘अपु’ श्रृंखला पर आधारित तीन बांग्ला फिल्मों :पाथेर पांचाली, अपराजिता और अपुर संसार: के अलावा अमेरिकी फिल्म ‘चार्ली’ के लिए दिए गए संगीत को आज भी याद किया जाता है।उनसे पूछा गया कि नाना बनने पर वह कैसा अनुभव कर रहे हैं, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘अनुष्का के बच्चे के साथ होना बेहद दिलचस्प लगता है और इस वक्त मैं इस नये अनुभव का मजा ले रहा हूं।’’ अनुष्का के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘वह देश..विदेश के कई बड़े संगीतज्ञों के साथ काम कर चुकी है और वह खुद को स्थापित कर चुकी है। ऐसे ही युवा संगीतकार भारतीय शास्त्रीय संगीत को नयी दिशा देंगे।’’ सम्पादकीय सहयोग - अतनु दास

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