19 Aug 2017, 20:16 HRS IST
  • मासोन: रूस की स्वेतलाना कुज्नेत्सोवा रिवर्स शॉट लगाती हुई
    मासोन: रूस की स्वेतलाना कुज्नेत्सोवा रिवर्स शॉट लगाती हुई
    कोलकाता: सतरंगी छाते की छांव में ग्राहकों का इंतजार करती फल विक्रेता
    कोलकाता: सतरंगी छाते की छांव में ग्राहकों का इंतजार करती फल विक्रेता
    दिल्ली: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को गुलदस्ता भेंट करते किरेन रिजीजू
    दिल्ली: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को गुलदस्ता भेंट करते किरेन रिजीजू
    मुंबई: लैक्मे फैशन वीक—2017 में प्रदर्शन के दौरान अभिनेत्री दिया मिर्जा
    मुंबई: लैक्मे फैशन वीक—2017 में प्रदर्शन के दौरान अभिनेत्री दिया मिर्जा
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम मुलाकात
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
    • मुलाकात
    • रेटिंग   Rating Rating Rating Rating Rating
  •  
  • ‘दूरबीन वाले बाबा’ ने की तीन लाख नसबंदी, आठ लाख संभावित जन्म रूके
  • [ - ] आकार [ + ]
  • :हषर्वर्धन प्रकाश:

    इंदौर, छह दिसंबर :भाषा: तीन लाख की संख्या पहली नजर में बेहद आम लग सकती है। लेकिन यह आंकड़ा जनसंख्या विस्फोट की चौतरफा दिक्कतों से जूझते देश में उन नसबंदी ऑपरेशनों का जोड़ है, जिन्हें ‘दूरबीन वाले बाबा’ ने पिछले तीन दशकों के दौरान करामाती तेजी से अंजाम दिया है। सांख्यिकीय फॉर्मूले के आधार पर गुणा.भाग किया जाये, तो इन ऑपरेशनों से करीब 8,10,000 संभावित जन्म रुक चुके हैं।प्रसिद्ध नसबंदी विशेषज्ञ डॉ. ललितमोहन पंत को मध्यप्रदेश के गांव.देहातों में लोग ‘दूरबीन वाले बाबा’ के नाम से भी जानते हैं।इसका कारण यह है कि उन्हें महिला नसबंदी की जिस पद्धति में गजब की महारत हासिल है, उसके साथ ‘दूरबीन’ का आमफहम शब्द जुड़ा है।डॉ. पंत ने आज ‘भाषा’ से कहा, ‘मैं अब तक 3,00,000 पुरुषों और महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन कर चुका हूं। हालांकि, मेरे लिये परिवार नियोजन ऑपरेशनों के इस उंचे स्तर तक पहुंचना एक सपने की तरह है।’ बहरहाल, 57 वर्षीय सरकारी चिकित्सक का दावा है कि दुनिया भर में किसी सर्जन ने आज तक इतने नसबंदी ऑपरेशन नहीं किये हैं। डॉ. पंत के मुताबिक उन्होंने पहला नसबंदी ऑपरेशन वर्ष 1982 में किया था। इस सर्जन ने यहां से कोई 200 किलोमीटर दूर शाजापुर जिले के नलखेड़ा में कल पांच दिसंबर की रात सुगन बाई :30: की नसबंदी करके अपने कॅरियर के तीन लाख वें परिवार नियोजन ऑपरेशन को अंजाम दिया।डॉ. पंत ने सांख्यिकीय अनुमान के हवाले से बताया कि एक नसबंदी से 2. 7 संभावित जन्म रोके जा सकते हैं। यानी इस हिसाब से वह अब तक करीब 8,10,000 संभावित जन्म रोक चुके हैं।बकौल डॉ. पंत वह लेप्रोस्कोप :दूरबीन.सा दिखने वाला चिकित्सकीय उपकरण: की मदद से औसतन 20 सेकंड में किसी सामान्य महिला की नसबंदी कर सकते हैं। इसके लिये उन्होंने सर्जरी तकनीक में सुधार करते हुए विशेष तरीका इजाद किया है। अगर सब कुछ ठीक रहता है, तो प्रत्येक पुरुष नसबंदी में इस वरिष्ठ सर्जन को औसतन तीन मिनट लगते हैं। वह कहते हैं, ‘आप मेरी तेजी पर सवाल उठाते हुए इसे जोखिम भरा बता सकते हैं। लेकिन यह रफ्तार जरूरी है। दरअसल, देश में जनसंख्या तो तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इस अनुपात में नसबंदी करने वाले कुशल सर्जनों की तादाद में इजाफा नहीं हो रहा है।’ डॉ. पंत के मुताबिक उनके नाम एक ही दिन में 816 लोगों की नसबंदी का विश्व कीर्तिमान भी दर्ज है, जो उन्होंने वर्ष 2002 के दौरान पश्चिमी मध्यप्रदेश के एक आदिवासी बहुल गांव में परिवार नियोजन शिविर के दौरान कायम किया था।
    वह मानते हैं कि ‘बिना चीरा, बिना टांका’ पद्धति के कारण पिछले कुछ सालों में नसबंदी को लेकर पुरुषों की मानसिकता मामूली तौर पर बदली है। लेकिन इस सिलसिले में राजनीतिक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी बरकरार है। वरना आबादी के मामले में देश का सूरते.हाल कुछ और होता।वरिष्ठ सर्जन ने बताया, ‘मैंने परिवार नियोजन के जो तीन लाख ऑपरेशन किये, उनमें पुरुष नसबंदियों की संख्या महज 11,000 है। परिवार नियोजन ऑपरेशनों में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाये बगैर आबादी के सरपट दौड़ते घोड़े की नकेल नहीं कसी जा सकती।’ डॉ. पंत ने बताया कि उन्होंने अधिकांश नसबंदी ऑपरेशन मध्यप्रदेश में किये, जहां राज्य सरकार जनसंख्या दर को स्थिर करने की चुनौती से जूझ रही है। वैसे वह उत्तरप्रदेश और दिल्ली में भी परिवार नियोजन के ऑपरेशन कर चुके हैं।संपादकीय सहयोग- अतनु दास  

रेट दें
Submit
  • इस मुलाकात पर अपनी राय दें
  • अन्य मुलाकात
  •     
add