20 Oct 2017, 13:58 HRS IST
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  • वालेंडा भारत में भी दिखाना चाहेंगे अपने कारनामे
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  • वैभव माहेश्वरी
    नयी दिल्ली, 23 जून :भाषा:
    पिछले साल जून में अमेरिका के नियाग्रा जलप्रपात के ऊपर 200 पुट ऊंचाई पर बंधी हुई रस्सी पर चलने का हैरतअंगेज रिकार्ड बनाने वाले अमेरिकी कलाबाज निक वालेंडा मौका मिलने पर भारत में भी अपना साहसिक कारनामा दिखाना चाहते हैं।
    भारत में भी दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर करने वाले ऐसे असंख्य कारनामे आपको सड़कों या सर्कस में देखने को मिल जाएंगे। लेकिन निक वालेंडा अमेरिका के उस खानदान से आते हैं, जिसकी सात पीढ़ियों से सदस्य दो छोर से कसी हुई रस्सी पर बिना किसी सहारे के चलने के करतब को बड़े स्तर पर करते रहे हैं।
    34 साल के वालेंडा ने कहा कि वह मौका मिलने पर भारत में भी अपने हैरतअंगेज कारनामे को दिखाना चाहेंगे। वह दुनियाभर में और भी जगहों पर अपना कमाल दिखाने को उत्सुक हैं लेकिन इसके लिए वह यह भी चाहते हैं कि इस बाबत उनसे आयोजक संपर्क करें और आयोजन के खर्च समेत टीवी कवरेज की व्यवस्था की जाए।
    24 जून को अमेरिका के ग्रांड केन्यान पर 1500 पुट ऊंचाई पर 2 इंच मोटी रस्सी पर चलने की तैयारी कर रहे इस अमेरिकी कलाकार ने भार्षां को ईमेल के जरिये दिये साक्षात्कार में कहा, मेरा सपना है कि दुनिया के हर महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल पर अपने करतब दिखाउुं। मेरी अगली योजना यूरोप से एशिया के बीच तुर्की में रस्सी पर चलने की हैर्।र्ं उन्होंने कहा कि एक पतली सी रस्सी पर चलने के लिए शारीरिक मेहनत के साथ मानसिक तैयारी सबसे ज्यादा जरूरी है। वालेंडा के मुताबिक उनकी कई पीढ़ियां इसी तरह के करतब करती रहीं हैं और वह बचपन से ऐसे कमाल करने का अ5यास करते रहे हैं इसलिए शारीरिक रूप से तैयार रहना तो स्वाभाविक है। सबसे ज्यादा मेहनत मानसिक तैयारी की होती है जिसके लिए वह अपने को हमेशा परिपक्व रखने का प्रयास करते हैं और कारनामा पेश करने से पहले ध्यान भी लगाते हैं। अपने इस कारनामे में तेज हवाओं को चुनौती बताते हुए वालेंडा ने कहा कि हवाओं के रख का पता नहीं होता। अगर अमेरिका के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिने जाने वाले ग्रांड केन्यान की कहानी सुनें तो पता चलेगा कि वहां उड़ान भरने के दौरान कई विमानों और हेलीकॉप्टरों को हवा के थपेड़ों के कारण परेशानी आती है।
    गिनीज बुक समेत अनेक रिकार्ड अपने नाम करने वाले वालेंडा ने कहा कि वह जहां अपनी प्रस्तुति देने जाते हैं उस जगह को देखकर समझते हैं और फिर दूसरे छोर तक बंधी रस्सी को पार करने की कल्पना करते हैं।
    उन्होंने बताया कि इस दौरान उनके साथ पूरी टीम होती है जिसमें किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बचावकर्मी भी होते हैं। दोनों छोरों पर उनके साथी घर्िी या पहियों के साथ तैयार होते हैं और किसी भी संकट की स्थिति में रस्सी पर पहियों के सहारे उन तक पहुंच सकते हैं।
    वालेंडा के मुताबिक संकट की स्थिति में मेरा काम होगा रस्सी को पकड़कर तब तक लटके रहना, जब तक मेरे साथी मुझे बचाने नहीं पहुंच जाएं।
    24 जून को ग्रांड केन्यान पर उनके रोपवॉक का सीधा प्रसारण डिस्कवरी चैनल पर किया जाएगा।
    इस दौरान वालेंडा लिटल कोलोराडो नदी पर 1500 फुट उंचाई पर चलेंगे। पिछले साल जून में ही उन्होंने 200 फुट की उंचाई पर अमेरिका से कनाडा तक नियाग्रा जलप्रपात पर कसी हुई रस्सी पर चलकर पहला ऐसा साहसिक कारनामा करने का रिकार्ड बनाया था।

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