02 Jun 2020, 15:16 HRS IST
  • लॉकडाउन के बीच दिल्ली से अपने घर लौटते प्रवासी श्रमिक
    लॉकडाउन के बीच दिल्ली से अपने घर लौटते प्रवासी श्रमिक
    प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
    प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम मुलाकात
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
    • मुलाकात
    • रेटिंग   Rating Rating Rating Rating Rating
  •  
  • तिग्मांशु, धारावाहिक में दिखेंगे अमिताभ के साथ
  • [ - ] आकार [ + ]
  • .                                         :राजेश अभय:

    नयी दिल्ली, 1 दिसंबर :भाषा: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता पिल्म पान सिंह तोमर्रं के निर्देशक तिग्मांशु धूलिया फिल्म गैंग्स ऑप वासेपुर में अपने अभिनय का लोहा मनवाने के बाद अब जल्द ही अमिताभ बच्चन के साथ एक धारावाहिक में अभिनय करते दिखेंगे।राजधानी में फिल्म बुलेट राजा के प्रमोशन के लिए आये धूलिया ने भाषा को बताया, मेरा मुख्य ध्यान लेखन और निर्देशन पर है।यह सही है कि मैंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में अभिनय का प्रशिक्षण लिया लेकिन मैं बतौर निर्देशक कहीं ज्यादा अपने काम का आनंद ले पाता हूं।अभिनय मैं सिर्फ दोस्तों के लिए कर सकता हूं।उन्होंने कहा, अनुराग कश्यप मेरे मित्र हैं इसलिए जब उन्होंने गैंग्स आफ वासेपुर के लिए मुभे मुख्य खलनायक की भूमिका की पेशकश की तो मैं ना नहीं कर पाया।इस बार भी अनुराग कश्यप और एबीसीएल मिलकर एक धारावाहिक बना रहे हैं और अमित जी के साथ काम करने का मौका अपने आप में कापी सुखद है।इसलिए इस पेशकश को न नहीं कर पाया।उन्होंने कहा, बचपन से अमित जी की फिल्में देखते हम बड़े हुए और उनके साथ स्क्रीन शेयर :पर्दे पर उतरना: करना अपने आप में एक सुखद अहसास है।जानकार सूत्रों ने बताया कि फिल्म गैंग्स आफ वासेपुर्रं की भूमिका को देखने के बाद बॉलीवुड के अलावा कुछ दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी अभिनय की पेशकश की गई थी जिसे तिग्मांशु ने नकार दिया।फिल्म पान सिंह तोमर जैसी चर्चित फिल्म के बाद एक व्यावसायिक सिनेमा बुलेट रार्जां के प्रयोग के बारे में पूछने पर तिग्मांशु ने कहा, सिनेमा की भाषा बदल रही है और मेरी कोशिश एक मुख्यधारा की फिल्म के प्रारूप में कुछ तथ्यात्मक वस्तुस्थिति को उभारने की होती है।फिल्म बुलेट रार्जां इसी प्रयोग का नतीजा है जिसमें हिन्दी समाज से परिवेश की वस्तुस्थिति, हिंसा, राजनीतिक समीकरणों, आकांक्षाओं और इस मिट्टी के जुनून और मुहावरों को पकड़ने की कोशिश की गई है।इसी कशमकश और बैचैनी में समाज की आगे की दिशा का संकेत भी छुपा है।अपने आगे आने वाली पिल्मों के बारे में पूछने पर तिग्मांशु ने कहा कि वह फिलहाल अपने परिवार को समय देना चाहते हैं जिसे कापी वक्त से ठीक से समय नहीं दे पा रहे थे।उन्होंने कहा कि आगे उनके पास निर्देशकीय भूमिका में पिल्मों की कतार पड़ी है जिसमें से बेगम समरु, मिलन टॉकीज, हेमलेट इत्यादि प्रमुख हैं।संपादकीय सहयोग-अतनु दास





रेट दें
Submit
  • इस मुलाकात पर अपनी राय दें
  • अन्य मुलाकात
  •     
add