21 Sep 2019, 06:6 HRS IST
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  • सामंजस्य बनाना होगी प्राथमिकता : सुमित्रा महाजन
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    मोना पार्थसारथी :

    नयी दिल्ली, 6 जून : भाषा : सोलहवीं लोकसभा की सबसे अनुभवी महिला सदस्य और नयी स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सभी दलों के बीच सामंजस्य बनाने को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वह एक मां की तरह प्यार और डांट दोनों से काम लेंगी। इंदौर से रिकार्ड लगातार आठवीं बार लोकसभा चुनाव जीतने वाली सुमित्रा महाजन ने इस बार सत्यनारायण पटेल को 4,66,901 मतों से हराकर इतिहास रचा था।वह एक ही लोकसभा सीट से लगातार आठ बार जीतने वाली पहली महिला सांसद हैं।लोकसभा स्पीकर चुने जाने के बाद भाषा से बातचीत में महाजन ने कहा, ‘‘इंसान के लिये हर नया काम चुनौती होता है।मेरे लिये पहली रोटी बनाना भी चुनौती था, पहला चुनाव लड़ना भी और अब यह नयी जिम्मेदारी भी।पार्टी ने मुझे यह जिम्मेदारी दी है और बड़ी बात यह है कि बाकी सभी दलों ने भी समर्थन किया है।मैं अपेक्षाओं पर खरी उतरने की पूरी कोशिश करूंगी।’’ स्पीकर के तौर पर सभी के बीच सामंजस्य बनाना उनकी प्राथमिकता होगी।उन्होंने कहा ,‘‘ अभी देखते हैं कि आगे क्या होता है। पहले मैं जिम्मेदारी संभाल लूं , फिर ही कुछ कह सकूंगी।लेकिन सभी के बीच सामंजस्य बनाना मेरी प्राथमिकता होगी।’’ यह पूछने पर कि पिछले कुछ सत्रों में संसद की कार्रवाई जिस तरह से बाधित हुई, उन्हें लगता है कि यह चुनौती कठिन होगी , उन्होंने कहा ,‘‘ संसद नहीं चलने के कई कारण रहे लेकिन मैं आज इस पर कोई चर्चा नहीं करूंगी।पहले मैं सभी बातों को समझूंगी। संसद नहीं चली, वह सबके सामने हैं और कल चलेगा तो भी सभी के सामने होगा।’’ अपने मृदु स्वभाव के लिये मशहूर ‘ताई’ के लिये लोकसभा में तेज आवाज में बोलना कितना मुश्किल होगा, यह पूछने पर महाजन ने कहा कि वह एक मां की तरह प्यार और डांट दोनों से काम लेंगी।कानून की स्नातक और कला में परास्नातक कर चुकी महाजन ने कहा ,‘‘ आपको क्या लगता है कि डांटने से ही सब ठीक हो सकता है।ऐसा नहीं है।मां प्रेम भी करती है और जरूरत पड़ने पर डांटती भी है।मैं भी एक मां हूं और मेरे पास मां का हदय है तो मैं उसी तरीके से काम करूंगी।’’ इंदौर नगर निगम में पाषर्द के तौर पर 1982 में राजनीति में पदार्पण करने वाली महाजन ने 1989 में कांग्रेस के दिग्गज और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाशचंद सेठी को एक लाख से अधिक मतों से हराकर पहली बार संसद में प्रवेश किया था।यह पूछने पर कि क्या उन्हें इतनी लंबी पारी खेलने का यकीन था , उन्होंने कहा कि यह सोचकर वह राजनीति में नहीं आई थी।गैर राजनीतिक पृष्ठभूमि से आई महाजन ने कहा ,‘‘ वास्तव में उस समय यह सोचकर सफर शुरू नहीं हुआ था कि मुझे कुछ करना है। पार्टी ने मेरी और मेरे कार्य की पहचान जनता से कराई।उस समय कुशाभाउ ठाकरे :पूर्व भाजपा अध्यक्ष : ने आज्ञा दी थी कि चुनाव लड़ना है और मैने उनकी आज्ञा मानकर काम की शुरूआत की और करती गई।मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं थी।’’ इतने साल में भाजपा में आये बदलावों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि पुराने लोगों की मेहनत का फल आज पार्टी को मिल रहा है।उन्होंने कहा ,‘‘ भाजपा के पुराने नेताओं ने जो मेहनत की है, वह आज रंग ला रही है।उन्होंने खेत की जुताई , बुवाई इतनी परफेक्ट की है कि आज जो फसल दिख रही है , वह उनका किया हुआ काम है ।हम उसकी रक्षा कर रहे हैं और कैसे ज्यादा फसल आती जाये, यह देख रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ अच्छी बात यह है कि भाजपा का संगठन आज भी मजबूत है और उसका फैलाव पूरे देश में हो रहा है।यह संगठन आधारित पार्टी है जो बहुत बड़ी बात है।’’ संपादकीय सहयोग-अतनु दास





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