25 Apr 2017, 15:56 HRS IST
  • अहमदाबाद : हैरिटेज सरकारी भवन का नजारा
    अहमदाबाद : हैरिटेज सरकारी भवन का नजारा
    चेन्नई में गर्मी की प्रकोप से बचने की कोशिश करती युवतियां
    चेन्नई में गर्मी की प्रकोप से बचने की कोशिश करती युवतियां
    अमृतसर : गेंह की खेती करता किसान
    अमृतसर : गेंह की खेती करता किसान
    न्यूयार्क में योगा अभ्यास करते लोग
    न्यूयार्क में योगा अभ्यास करते लोग
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम विदेश
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • दक्षिण चीन सागर पर चीन को ‘‘स्पष्ट संकेत’’ देगा ट्रंप प्रशासन: टिलरसन

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 10:52 HRS IST

:ललित के झा: वॉशिंगटन, 12 जनवरी :भाषा: अमेरिका चीन को यह ‘‘स्पष्ट संकेत’’ देगा कि दक्षिण चीन सागर :एससीएस: पर उसे अपने कृत्रिम द्वीपों को खाली कर देना चाहिए।

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेश मंत्री पद के लिए नामित रेक्स टिलरसन ने विवादित जलक्षेत्र में साम्यवादी दिग्गज चीन की ‘‘बेहद चिंताजनक’’ गतिविधियों पर हमला बोलते हुए यह चेतावनी दी।

कल अपने नामांकन की पुष्टि संबंधी सुनवाई के लिए सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के समक्ष पेश हुए एक्सॅन मोबिल के पूर्व सीईओ 64 वर्षीय रेक्स ने कहा, ‘‘पहले हम चीन को स्पष्ट संकेत भेजेंगे कि वह द्वीप निर्माण बंद कर दे और दूसरा यह कि उन द्वीपों में आपके दखल की इजाजत नहीं है।’’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘इस क्षेत्र में चीन की गतिविधियां चिंता पैदा करती हैं और मुझे फिर यही लगता है कि इस पर प्रतिक्रिया नहीं दिए जाने से वह इस दिशा में आगे बढ़ता रहा है।’’ उन्होंने कहा कि विवादित जलक्षेत्र में चीन की द्वीप निर्माण की गतिविधियां और पूर्वी चीन सागर में जापान नियंत्रित सेनकाकू द्वीपों के उपर चीन द्वारा हवाई रक्षा पहचान क्षेत्र की घोषणा ‘‘गैरकानूनी गतिविधियां’’ हैं।

उन्होंने कहा कि चीन उस क्षेत्र को अपने अधिकार में ले रहा है, नियंत्रण में ले रहा है या नियंत्रण में लेने की घोषणा कर रहा है जो कायदे से उसका नहीं है। उन्होंने द्वीप निर्माण और उन पर सैन्य संसाधनों को स्थापित करने की तुलना रूस द्वारा क्रीमिया पर अधिकार जमाने से की।

टिलरसन ने कहा कि अगर चीन को इस जलक्षेत्र से आवागमन के नियम कायदों का किसी भी रूप में निर्धारण करने दिया जाएगा तो इससे ‘‘पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था’’ को खतरा है। यह वैश्विक मुद्दा कई देशों के लिए, हमारे महत्वपूर्ण सहयोगियों के लिए बेहद अह्म है।

जारी

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में