20 Oct 2017, 14:7 HRS IST
  • इलाहाबाद में दिपवली की धूम का नजारा
    इलाहाबाद में दिपवली की धूम का नजारा
    नागपुर में दिवाली मनातीं महिलायें
    नागपुर में दिवाली मनातीं महिलायें
    पर्रगवाल: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दिपावली मनाते बीएसएफ के जवान
    पर्रगवाल: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दिपावली मनाते बीएसएफ के जवान
    हानओवर : उगते सूर्य के साथ रोमन ईश्वर की अराधना करते
    हानओवर : उगते सूर्य के साथ रोमन ईश्वर की अराधना करते
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम राष्ट्रीय
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add

न्यायमूर्ति कर्णन ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के निलंबन के लिए राष्ट्रपति से किया अनुरोध — पीटीआई फोटो
  • Photograph Photograph  (1)
  • न्यायमूर्ति कर्णन ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के निलंबन के लिए राष्ट्रपति से किया अनुरोध

  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 12:35 HRS IST

नयी दिल्ली, 19 मई :भाषा: कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सी एस कर्णन का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने दावा किया है कि अदालत की अवमानना के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा न्यायमूर्ति कर्णन को दी गई छह माह कैद की सजा के निलंबन के लिए राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया है।

उधर राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि ‘‘उसे ऐसे किसी ज्ञापन की जानकारी नहीं है।’’ वकीलों ने कल कहा था कि न्यायमूर्ति कर्णन को प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ की ओर से सुनाई गई छह माह की कैद की सजा को निलंबित करने:रोक लगाने की मांग करते हुए न्यायमूर्ति कर्णन की ओर से संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत एक ज्ञापन ईमेल के जरिए भेजा गया है।

अनुच्छेद 72 कहता है कि राष्ट्रपति के पास दंड से क्षमा, दंड विराम, राहत या कमी देने या सजा को निलंबित करने की शक्ति होगी।

उक्त ज्ञापन न्यायमूर्ति कर्णन के वकील मैथ्यूज जे नेडुमपारा और ए सी फिलिप ने तैयार किया था। इसमें नौ मई को सुनाए गए फैसले से जुड़े घटनाक्रम का संदर्भ है।

वकीलों ने पूर्व में यह दावा किया था कि न्यायमूर्ति कर्णन ने उन्हें सुनाई गई कैद की सजा के खिलाफ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य को पत्र भेजे थे।

न्यायमूर्ति कर्णन ने शीर्ष अदालत में एक याचिका लगाकर भी नौ मई के आदेश को वापस लेने की मांग की थी लेकिन प्रधान न्यायाधीश ने इसपर त्वरित सुनवाई से इनकार कर दिया।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।