18 Feb 2019, 11:11 HRS IST
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  • तीन साल की बच्ची में ब्लड ग्रुप मैच नहीं करने वाली किडनी का सफल प्रतिरोपण

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 17:1 HRS IST

नयी दिल्ली, 21 जून :भाषा: एनसीआर के एक अस्पताल में तीन साल की बच्ची का सफल एबीओ किडनी प्रतिरोपण किया गया है जिसे उसकी मां ने किडनी दान की और कठिन सर्जरी के करीब ढाई महीने के बाद बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है।

गुड़गांव स्थित मेदांता मेडिसिटी के डॉक्टरों की टीम ने गत पांच अप्रैल को बच्ची की सर्जरी की और उनका दावा है कि इतने छोटे बच्चे में एबीओ यानी ब्लड ग्रुप मैच नहीं होने वाला किडनी प्रतिरोपण का दक्षेस देशों का यह पहला मामला है।

मेदांता के पेडिएट्रिक नेफ्रोलॉजी और पेडिएट्रिक रीनल ट्रांसप्लांट के कंसल्टेंट डॉ सिद्धार्थ सेठी ने आज यहां संवाददाताओं को बताया, Þ Þतीन साल के बच्चे में ब्लड ग्रुप असंगत होने की स्थिति में किडनी प्रतिरोपण का यह दक्षेस :सार्क: देशों का पहला मामला है जिसे मेदांता मेडिसिटी की टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। Þ Þ ओड़िशा के केंद्रापाड़ा के रहने वाले संग्राम मलिक और दीपाली मलिक की नन्हीं बेटी प्रत्याशा की किडनी ने तीन साल की उम्र में ही काम करना बंद कर दिया। बच्ची जन्म से ही रिफ्ल्क्स नेफ्रोपैथी यानी मूत्र के शरीर से बाहर निकलने के बजाय गुर्दे में वापस चले जाने की गंभीर समस्या से पीड़ित थी।

डॉ सेठी के अनुसार बच्ची को तत्काल किडनी प्रतिरोपण की जरूरत थी लेकिन उसके रक्त समूह वाला कोई डोनर नहीं मिल रहा था। दान किये गये कैडेवर :शवों: की सूची में भी इस रक्त समूह को मैच करने वाले शव की खोज की गयी लेकिन सफलता नहीं मिली। छह महीने तक ब्लड ग्रुप मैच करने वाले डोनर की खोज में सफल नहीं होने के बाद मेदांता के गुर्दा एवं मूत्रविज्ञान संस्थान ने बच्ची की मां को अंगदाता के रूप में लेने की योजना बनाई जो एक एबीओ प्रतिरोपण था। बच्ची का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव और मां का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव है।

एबीओ असंगत मामलों में खून के प्लाज्मा में से एंटीबॉडी निकाले जाते हैं।

डॉ सेठी ने बताया कि एबीओ प्रतिरोपण में सबसे बड़ा जोखिम हाइपर एक्यूट रिजेक्शन यानी प्रतिरोपण के दिन ही किडनी के काम बंद करने का होता है।

हालांकि उन्होंने बताया कि प्रतिरोपण के बाद बच्ची के विकास में आवश्यक रूप से सुधार हुआ। उसकी किडनी अच्छी तरह काम कर रही है। बच्ची इस समय पूरी तरह सामान्य है और भविष्य में उसे उसी तरह के जोखिम हो सकते हैं जो किसी सामान्य वयस्क किडनी प्रतिरोपण में होते हैं।

जारी

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