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  • एल एण्ड टी द्वारा जमीन के दुरूपयोग की जांच करेगी महाराष्ट्र सरकार, कंपनी ने आरोपों से किया इनकार

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 14:25 HRS IST

मुंबई, 12 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि वह मुंबई के उपनगरीय इलाके पवई में लार्सन एण्ड टुब्रो की आवासीय भवन परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच करायेगी। हालांकि, कंपनी ने उस पर लगाये जा रहे आरापों से इनकार किया और कहा है कि उसने सभी जरूरी मंजूरियां ली हैं।

महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री रंजीत पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि पवई में लार्सन एंड टुब्रो द्वारा आवासीय भवनों के निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच करवाई जाएगी। मंत्री ने कहा कि यह जमीन कंपनी को औद्योगिक उद्देश्य के लिए दी गई थी हालांकि कंपनी ने इस पर आवासीय भवन खड़े कर दिए जिसकी वजह से 400 करोड़ रुपये का कथित गबन हुआ है।

एलएंडटी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि आवासीय परिसर का निर्माण फ्री-होल्ड जमीन पर हुआ है जिसके लिए सभी तरह की मंजूरियां ली गईं। कंपनी ने यहां जारी वक्तव्य में कहा, ‘‘हमारे पास पवई में दो प्रकार की जमीन है। एक जमीन सरकार ने औद्योगिक इस्तेमाल के लिये दी है। इसका इस्तेमाल औद्योगिक कार्यों के लिये ही किया जा रहा है। जमीन के एक अलग हिस्से को हमने निजी क्षेत्र से खरीदा है जो कि फ्री-होल्ड जमीन है।’’ कंपनी ने कहा है कि आवासीय भवनों को जमीन के फ्री-होल्ड हिस्से में ही तैयार किया गया है और इसके लिये सरकार से सभी तरह की जरूरी मंजूरियां लीं गईं।

राज्य विधानसभा में कल शिव सेना सदस्य के ध्यानाकर्षण नोटिस का जवाब देते हुये मंत्री ने कहा, ‘‘लार्सन एण्ड टुब्रो को पवई क्षेत्र में पासपोली के निकट जमीन दी गई थी जहां कंपनी ने कथित तौर पर 24 मंजिल के दस टावर खड़े कर दिये जिसकी वजह से सरकार को 400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कंपनी ने अर्बन एण्ड लैंड सीलिंग एक्ट और विकास नियंत्रण नियम का उल्लंघन किया है।’’

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