19 Apr 2018, 21:21 HRS IST
  • गोल्ड कोस्ट : जेवलिन थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपडा
    गोल्ड कोस्ट : जेवलिन थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपडा
    अमृतसर : स्वर्ण मंदिर में वैशाखी महोत्सव मनाते सिख श्रधालु
    अमृतसर : स्वर्ण मंदिर में वैशाखी महोत्सव मनाते सिख श्रधालु
    ब्रिसवेन : निशानेबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाले शूटर संजीव राजपूत
    ब्रिसवेन : निशानेबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाले शूटर संजीव राजपूत
    कोहली की टीम आरसीबी की जीत के बाद खुशी जाहिर करती अनुष्का शर्मा
    कोहली की टीम आरसीबी की जीत के बाद खुशी जाहिर करती अनुष्का शर्मा
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम राष्ट्रीय
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • भाजपा घोषणापत्र में होंगी पथप्रदर्शक घोषणाएं

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 19:23 HRS IST



बेंगलुरु , 16 अप्रैल ( भाषा ) कर्नाटक के प्रभारी भाजपा महासचिव मुरलीधर राव ने आज कहा कि पार्टी के घोषणापत्र में ‘ पथ प्रवर्तक ’ घोषणाएं होंगी और उन्होंने उसमें कन्नड़ और संस्कृति के बारे में विचारों को सम्मिलित किए जाने का भी संकेत दिया।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मठों और मंदिरों को किसी भी प्रकार के सरकारी नियंत्रण में नहीं लाने या धौंसपट्टी नहीं करने के बारे में पार्टी के विचार का उल्लेख हो सकता है। उन्होंने कहा , ‘‘ घोषणापत्र बनाने में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गयी है तथा निश्चित ही चार पांच ऐसे मुद्दे हैं जिनपर , हम जब भी घोषणा लेकर आयेंगे तो पार्टी की ओर से पर्थ प्रवर्तक घोषणाएं होंगी। ’’

वह प्रेस क्लब ऑफ बेंगलुरु तथा रिपोटर्स गिल्ड द्वारा आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने किसानों के मुद्दों के समग्र समाधान , क्रांतिकारी कल्याणकारी घोषणाओं और कार्यक्रमों को प्राथिमकताओं के तौर पर गिनाया।

उन्होंने कहा , ‘‘ कर्नाटक , कन्नड़ और संस्कृति तथा पर्यटन को एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता । सांस्कृतिक जड़ों वाली भाजपा महसूस करती है कि संस्कृति मुद्दों को हल करने में शक्तिशाली धरोहर बने, इसलिए उसमें इस संबंध में हमारी ओर से पथ प्रवर्तक विचार होंगे। ’’

राव ने कांग्रेस और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर अधूरे मन से मंदिरों में जाने का आरोप लगाया तथा उन्हें चुनावी हिंदू कहा।

उन्होंने कहा , ‘‘ भाजपा का पूरी तरह भिन्न दृष्टिकोण होगा। मंदिरों और मठों का बस तीर्थाटन ही नहीं , ये मठ और मंदिर किसी भी सरकारी नियंत्रण , धौंसपट्टी से दूर होने चाहिए। ’’

उन्होंने मठों और मंदिरों को सरकारी नियंत्रण में लाने के वास्ते जनमत जानने के सिद्धरमैया के कदम का उल्लेख किया और कहा कि विरोध के चलते उन्होंने पैर खींच लिए थे। लेकिन सत्ता में आने पर फिर वह ऐसा कर सकती है।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।