21 Sep 2018, 02:16 HRS IST
  • जन सहयोग से चार साल में पिछले 60 वर्ष से ज्यादा सफाई हुई
    जन सहयोग से चार साल में पिछले 60 वर्ष से ज्यादा सफाई हुई
    शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने से बच्चों में आत्मविश्वास की कमी
    शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने से बच्चों में आत्मविश्वास की कमी
    ‘बड़ी आंधी’ महसूस कर सरकार के खिलाफ झूठ फैलाने, दुष्प्रचार करने में जुटा विपक्ष : मोदी
    ‘बड़ी आंधी’ महसूस कर सरकार के खिलाफ झूठ फैलाने, दुष्प्रचार करने में जुटा विपक्ष : मोदी
    2019 में जीत के बाद 50 साल तक पार्टी को कोई हराने वाला नहीं होगा :शाह
    2019 में जीत के बाद 50 साल तक पार्टी को कोई हराने वाला नहीं होगा :शाह
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम खेल
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • नया इतिहास रचने को बेताब है फ्रांसीसी फुटबाल की ‘युवा ब्रिगेड’

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 11:57 HRS IST



सेंट पीटर्सबर्ग, 11 जुलाई (एपी) इरादे आसमान को छूने के, हौसला किसी से नहीं हारने का और जज्बा ऐसा कि दुश्मन भी लोहा मान ले । ये है फ्रांसीसी फुटबाल की युवा ब्रिगेड जिसकी नजरें अब रविवार को विश्व कप जीतकर अपने हुनर पर मोहर लगवाने पर टिकी है ।



काइलियान एमबाप्पे, पाल पोग्बा और फ्रांस को यह मौका मिला जब उसने कल रात बेल्जियम को हराकर विश्व कप फाइनल में जगह बना ली ।

दर्शक दीर्घा में फ्रांस के राष्ट्रपति एमैन्युअल मैकरोन भी मौजूद थे ।

मैच के बाद फ्रांस के फारवर्ड अंतोइने ग्रीएजमैन ने चिल्लाते हुए कहा ,‘‘ वीवे ला फ्रांस । वीवे ला रिपब्लिक (लांग लिव फ्रांस) ।’’



गोल करने वाले उमटिटी ने कहा ,‘‘ गोल भले ही मैने किया लेकिन यह जीत टीम प्रयास का नतीजा है।’’

फ्रांस की युवा टीम की औसत उम्र 26 बरस है जिसका सामना अब इंग्लैंड या क्रोएशिया से होगा । फ्रांस ने 2006 में फाइनल में हार का मुंह देखा जब जिनेदीन जिदान को ‘हेडबट’ प्रकरण के कारण लालकार्ड देखना पड़ा था । इसके बाद 2016 यूरो फाइनल में टीम पुर्तगाल से हार गई थी ।



ऐसे टूर्नामेंट में जिसमें लियोनेल मेस्सी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो और नेमार जैसे सितारे अर्श से फर्श पर आ गिरे, एडेन हेजार्ड और एमबाप्पे जैसे नये सितारे उभरे हैं ।

बेल्जियम के कप्तान हेजार्ड का जादू कल नहीं चल सका लेकिन एमबाप्पे मैच में बने हुए थे । उन्नीस बरस का यह स्टार उस समय पैदा भी नहीं हुआ था जब फ्रांस ने 1998 में आखिरी बार विश्व कप जीता था ।

अब इस युवा पीढी के पास मौका है , उस लमहे को फिर जीतने का जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाता है और सालों साल नयी नस्ल को प्रेरित करता है फिर उस पल को दोहराने के लिये ।

एपी मोना मोना 1107 1155 सेंटपीटर्सबर्ग

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।