15 Nov 2018, 16:10 HRS IST
  • भारत की पहली बिना इंजन की रेलगाड़ी ‘ट्रेन18’
    भारत की पहली बिना इंजन की रेलगाड़ी ‘ट्रेन18’
    यूनिसेफ की यूथ एम्बेसडर बनी एथलीट हिमा दास
    यूनिसेफ की यूथ एम्बेसडर बनी एथलीट हिमा दास
    चाचा नेहरू की 129वीं जयंती पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
    चाचा नेहरू की 129वीं जयंती पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
    राहुल और सोनिया के खिलाफ आयकर मामले में चार दिसंबर को अंतिम दलील सुनेगा उच्चतम न्यायालय
    राहुल और सोनिया के खिलाफ आयकर मामले में चार दिसंबर को अंतिम दलील सुनेगा उच्चतम न्यायालय
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम खेल
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • थाई गुफा से सुरक्षित लौटे बच्चों को असली नायक बताया फुटबाल जगत ने

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 16:11 HRS IST



मास्को , 11 जुलाई (एएफपी) वे भले ही स्टेडियम में पहुंचकर विश्व कप फाइनल नहीं देख पाएंगे लेकिन थाईलैंड में बाढ़ग्रस्त गुफा से बचाये बच्चों को शीर्ष फुटबालरों ने ‘ नायक ’ करार दिया है।



‘ वाइल्ड बोर्स टीम ’ के इन युवा फुटबालरों के दो सप्ताह तक गुफा में फंसे रहने के बाद कल सुरक्षित बाहर निकाले जाने पर फुटबाल जगत ने भी राहत की सांस ली। पॉल पोग्बा ने तो फ्रांस की बेल्जियम के खिलाफ सेमीफाइनल में जीत को इन बच्चों को समर्पित किया।



पोग्बा ने ट्विटर पर बच्चों की फोटो डालकर लिखा ,‘‘ यह जीत आज के नायकों को समर्पित। शाबाश लड़कों। तुम बहुत मजबूत हो। ’’



इंग्लैंड के डिफेंडर काइल वाकर ने क्रोएशिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से पहले बच्चों के सुरक्षित बाहर निकलने पर खुशी जतायी और उन्हें फुटबाल शर्ट भेजने की पेशकश की।



वाकर ने ट्वीट किया , ‘‘ बहुत अच्छी खबर है कि थाईलैंड के सभी बच्चों को गुफा से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मैं उन्हें शर्ट भेजना चाहूंगा। क्या कोई उनका पता मुहैया कराने में मदद कर सकता है। ’’



कुल 12 बच्चे और उनका 25 वर्षीय कोच 23 जून को फुटबाल अभ्यास के बाद गुफा के अंदर चले गये थे लेकिन बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाये थे। आखिर में विभिन्न देशों के नेवी सील ने उन्हें बाहर निकाला।



फुटबाल की विश्व संस्था फीफा ने इन बच्चों को 15 जुलाई को फाइनल मैच देखने का न्यौता दिया था। लेकिन फीफा ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि ‘‘ चिकित्सा कारणों से बच्चे मास्को की यात्रा करने की स्थिति में नहीं हैं। ’’



इन बच्चों का अभी इलाज चल रहा है। वे हालांकि ओल्ड ट्रैफर्ड का दौरा कर सकते हैं क्योंकि मैनचेस्टर यूनाईटेड ने उन्हें इस सत्र में अपने घरेलू मैदान पर मैच देखने का न्यौता दिया है।



बार्सिलोना ने भी इन बच्चों को अगले साल बार्सा अकादमी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और एक घरेलू मैच के लिये आमंत्रित किया है।



इससे पहले जापान विश्व कप टीम , लिवरपूल के कोच जर्गेन क्लॉप और क्रोएशिया फुटबाल महासंघ ने भी बच्चों की मदद की पेशकश की थी।

एएफपी पंत नमिता नमिता 1107 1610 मास्को

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।