10 Aug 2020, 10:30 HRS IST
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  • न्यायालय ने कठुआ मामले के गवाह को हिरासत में प्रताड़ित करने का आरोप लगाने वाली याचिका पर जवाब मांगा

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 12:39 HRS IST



नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सनसनीखेज कठुआ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में अहम गवाह तालिब हुसैन की याचिका पर जम्मू कश्मीर सरकार से आज जवाब मांगा। इस याचिका में हुसैन ने कथित फर्जी बलात्कार मामले में पुलिस द्वारा हिरासत में उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।



प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता वकील इंदिरा जयसिंह की इस दलील पर विचार किया कि हुसैन को पुलिस हिरासत में क्रूरता से प्रताड़ित किया गया है और इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की जरुरत है।



पीठ ने इन्दिरा जयसिंह से जानना चाहा कि मौजूदा मामले में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका कैसे दायर की जा सकती है जबकि आरोपी हुसैन कानूनी रूप से पुलिस की हिरासत में है।



जयसिंह ने उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि हिरासत में प्रताड़ित करने के मामले में भी ऐसी याचिका दायर की जा सकती है।



पीठ ने राज्य सरकार को एक सप्ताह में जवाब देने का निर्देश देते हुये याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि याचिका की प्रति राज्य के महाधिवक्ता को दी जाये।



न्यायालय ने हुसैन के खिलाफ बलात्कार की प्राथमिकी दर्ज कराने वाली महिला को भी मामले में हस्तक्षेप के लिये अर्जी दायर करने की अनुमति दे दी।



शीर्ष अदालत ने इस मामले पर अब 21 अगस्त को सुनवाई करेगी।



न्यायालय याचिका पर तत्काल सुनवाई की अपील कर रही हुसैन के एक करीबी रिश्तेदार की दलीलों पर सुनवाई कर रहा था।



हुसैन के रिश्तेदार ने पुलिस हिरासत में उसकी रक्षा करने की मांग की और आरोप लगाया कि उसे कथित फर्जी बलात्कार मामले में बुरी तरह पीटा गया है।



गवाह के इस रिश्तेदार ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आरोप लगाया गया है कि हुसैन को गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखा गया और उसे हिरासत में प्रताड़ित किया गया।



कठुआ मामले में हुसैन अहम गवाह है। खानाबदोश समुदाय की आठ वर्षीय बच्ची को जनवरी में अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था।



मामले की जांच कर रही राज्य पुलिस की अपराध शाखा ने सात लोगों के खिलाफ मुख्य आरोप पत्र दायर किया है। इस मामले में एक किशोर भी आरोपी है जिसके खिलाफ अलग से आरोपपत्र दायर किया है।

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