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  • गोवा कैबिनेट से हटाए जाने से नाखुश हैं डिसूजा

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 15:14 HRS IST



पणजी, 24 सितंबर (भाषा) मनोहर पर्रिकर नीत गोवा कैबिनेट से सोमवार को हटाए जाने पर नाखुशी जाहिर करते हुए भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा ने सवाल किया कि क्या 20 वर्ष तक पार्टी के साथ वफादारी निभाने का उन्हें यह सिला मिला है।

मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने सोमवार की सुबह एक फैसले में अपने कैबिनेट के बीमार चल रहे दो मंत्रियों डिसूजा और पांडुरंग मडकईकर को बाहर कर दिया।

फिलहाल अमेरिका के एक अस्पताल में भर्ती डिसूजा ने फोन पर पीटीआई..भाषा को बताया, ‘‘पार्टी के साथ 20 साल की वफादारी का मुझे यही सिला मिल रहा है।’’

डि’सूजा पिछले 20 साल से लगातार उत्तरी गोवा जिले के मापुसा सीट से भाजपा की टिकट पर जीत रहे हैं। उनका दावा है कि कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाने से पहले उन्हें विश्वास में भी नहीं लिया गया।

शहरी विकास मंत्री के पद से हटाये गए डि’सूजा का कहना है, ‘‘मैंने कल शाम ही मुख्यमंत्री से भी बात की थी लेकिन उन्होंने कोई संकेत नहीं दिया...कैबिनेट से हटाये जाने की सूचना मिलने के बाद आज जब मैंने मुख्यमंत्री को फोन किया तब उन्होंने कहा कि यह पार्टी हाई कमान का फैसला है।’’

डिसूजा के अलावा पर्रिकर कैबिनेट से बिजली मंत्री मडकईकर को भी हटाया गया है। जून में मस्तिष्काघात के बाद से बीमार चल रहे पूर्वमंत्री का मुंबई के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इन दोनों की जगह आज शाम मिलिंद नाइक और निलेश काबराल को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।

डि’सूजा ने दावा किया कि पार्टी पिछले एक साल से उन्हें कैबिनेट से हटाने की कोशिश में जुटी थी। ‘‘अंतत: उन्होंने ऐसा कर लिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने आज मुझे कैबिनेट से हटा दिया। कल वह मुझे पार्टी से हटा देंगे। अब मैं उनके किसी काम का नहीं रहा।’’

कैबिनेट के वरिष्ठतम मंत्रियों में शामिल डिसूजा को 2014 में मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा था। उस दौरान पर्रिकर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार में रक्षा मंत्री के पद पर थे।

बहरहाल, डिसूजा को उस दौरान भी मुख्यमंत्री का पद नहीं मिला। गोवा चुनाव के बाद लक्ष्मीकांत पारसेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गये थे।

बासठ वर्षीय पर्रिकर लंबे समय से बीमार हैं और फिलहाल दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हैं।

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