23 May 2019, 13:7 HRS IST
  • ईवीएम और वीवीपैट के आंकड़ों का 100 फीसदी मिलान करने की मांग वाली याचिका खारिज
    ईवीएम और वीवीपैट के आंकड़ों का 100 फीसदी मिलान करने की मांग वाली याचिका खारिज
    प्रज्ञा ने माफी मांग ली है, लेकिन मैं अपने मन से उन्हें माफ नहीं कर पाऊंगा- मोदी
    प्रज्ञा ने माफी मांग ली है, लेकिन मैं अपने मन से उन्हें माफ नहीं कर पाऊंगा- मोदी
    न्यायालय ने राहुल गांधी के लोकसभा चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध की मांग वाली याचिका खारिज की
    न्यायालय ने राहुल गांधी के लोकसभा चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध की मांग वाली याचिका खारिज की
    पांचवें चरण में 51 लोकसभा सीटों पर मतदान जारी
    पांचवें चरण में 51 लोकसभा सीटों पर मतदान जारी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम विदेश
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • चीन ने विवादित आतंकवाद निरोधक नियमों में बदलाव किया

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 20:50 HRS IST

बीजिंग, 10 अक्टूबर (एएफपी) चीन के शिनजियांग प्रांत के विवादित ‘‘पुनर्शिक्षा केंद्रों’’ में आतंकवाद निरोधक प्रयास अब नए मानक वाले नियमों से संचालित होंगे। इस अशांत और सुदूर पश्चिमी प्रांत में लगभग 10 लाख लोगों को ऐसे बंधक केंद्रों में रखे जाने की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही आलोचना के बीच चीन ने यह कदम उठाया है।

मंगलवार को पारित पुनरीक्षित नियमों में स्थानीय सरकारों से अपील की गई है कि वे ऐसे ‘‘व्यावसायिक शिक्षा केंद्रों’’ की स्थापना करके आतंकवाद से निपटें जो ‘‘चरमपंथ से प्रभावित लोगों में शैक्षणिक तरीके से बदलाव ला सकें।’’

प्रांतीय सरकार की वेबसाइट पर डाले गए नियमों की एक प्रति के मुताबिक, इन केंद्रों को मंडारिन चीनी और कानूनी अवधारणाएं पढ़ानी होंगी और ‘विचार शिक्षा’ एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण भी देना होगा।

माना जा रहा है कि शिनजियांग के न्यायेतर बंधक केंद्रों में लगभग 10 लाख लोगों को रखा गया है। वहां के अधिकारियों ने धार्मिक चरमपंथ, अलगाववाद और आतंकवाद से निपटने के तहत यह कदम उठाया है।

मार्च 2017 में जारी पिछले नियमों में धार्मिक व्यवहार पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई थीं। लंबी-लंबी दाढ़ी रखने और बुर्का पहनने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।

स्थानीय सरकार को ‘‘शैक्षणिक बदलाव’’ के लिए प्रेरित किया जा रहा था। आलोचकों ने इस शब्द की आलोचना करते हुए कहा था कि इसका मतलब है कि उनके दिमाग में सिर्फ चीन के हित की बातें सोचने, बोलने और लिखने के लिए उन्हें तैयार करना है।

एएफपी प्रियभांशु नरेश नरेश 1010 2049 बीजिंग

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में