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  • राफेल सौदा: राहुल ने मोदी के खिलाफ जांच की मांग की, भाजपा ने राहुल पर लगाया आरोप

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 22:31 HRS IST



नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को राफेल सौदे में भूमिका पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जांच की मांग की और आरोप लगाया कि वह एक ‘‘भ्रष्ट व्यक्ति’’ हैं जिन्होंने 36 लड़ाकू विमानों की खरीद में अनिल अंबानी को 30,000 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की फ्रांस की तीन दिन की वर्तमान यात्रा को सरकार द्वारा राफेल सौदे पर ‘‘पर्दा डालने की कोशिश’’ का हिस्सा बताया।

भाजपा ने राहुल पर जोरदार पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह ‘‘सरासर झूठ बोल रहे हैं’’ और अपना राजनीतिक करियर चमकाने के लिए ‘‘दुष्प्रचार की राजनीति’’ कर रहे हैं।



भाजपा ने राहुल गांधी को ‘‘मसखरा शहजादा’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि वह ‘‘स्वयं एक बिचौलिये के परिवार से आते हैं’’ और उनके पिता एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी एक रक्षा सौदे में ‘‘आधिकारिक रूप से बिचौलिया’’ थे।



पिछले महीने फ्रांसीसी ऑनलाइन जर्नल ‘मीडियापार्ट’ ने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के हवाले से कहा था कि फ्रांस के पास दसॉ के लिए भारतीय सहयोगी कंपनी के चयन को लेकर कोई विकल्प’’ नहीं था और भारत सरकार ने फ्रांसीसी विमानन कंपनी के सहयोगी के रूप में भारतीय कंपनी के नाम का प्रस्ताव रखा था।

बुधवार को ‘मीडियापार्ट’ ने दसॉ एविऐशन के आंतरिक दस्तावेज के हवाले से खबर दी थी कि विमानन कंपनी 36 राफेल लड़ाकू विमानों का करार करने के लिए समझौते के तहत रिलायंस डिफेंस के साथ संयुक्त उपक्रम शुरू करने के लिए मजबूर थी।



फ्रांसीसी वेबसाइट पर छपी एक खबर में कहा गया था कि राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन को भारत में अपने ऑफसेट साझेदार के तौर पर अंबानी की कंपनी ‘रिलायंस डिफेंस’ को ही चुनना था।



फ्रांस के दौरे पर गयीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेरिस में कहा कि सौदे में ऑफसेट संबंधी दायित्व अनिवार्य थे लेकिन कंपनियों के नाम को लेकर ऐसा नहीं था।



दसॉ एविएशन ने भी ‘मीडियापार्ट’ की खबर को खारिज करते हुए एक बयान में कहा कि उसने ‘‘रिलायंस समूह के साथ साझेदारी करने का फैसला अपनी पसंद से किया था।’’



सरकार लगातार कहती रही है कि उसकी दसॉ द्वारा रिलायंस डिफेंस को चुनने में कोई भूमिका नहीं है।





राहुल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘वास्तविकता यह है कि प्रधानमंत्री भ्रष्ट हैं। भारत के प्रधानमंत्री एक भ्रष्ट व्यक्ति हैं, जबकि मोदी भ्रष्टाचार से लड़ने के वादे पर सत्ता में आए थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राफेल सौदे में, प्रधानमंत्री साफ तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और इसकी जांच होनी चाहिए।’’

इस मुद्दे पर मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह साफ है कि दबाव है। अगर वह जवाब नहीं दे सकते तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।’’

हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपने आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया।

राहुल ने सवाल किया, ‘‘रक्षा मंत्री अचानक फ्रांस क्यों गई हैं? क्या आपात स्थिति है?’’

उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘राफेल (सौदे पर) पर्दा डालने का प्रयास शुरू हो गया है। यह दिखाने के लिए कि सौदा वैध है, रक्षा मंत्री, फ्रांस और हमारे रक्षा मंत्रालय के बीच हुईं काल्पनिक बैठकों का ब्यौरा तैयार करना होगा और दोनों पक्षों को मीडिया में बताने वाली कहानी पर सहमत होना होगा। रक्षा मंत्री कल रात फ्रांस रवाना हो गईं।’’

राहुल ने सीतारमण के फ्रांस दौरे के उद्देश्य के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘दसॉ पर दबाव बनाने के लिए, उन्हें चुप करने के लिए और पर्दा डालने के लिए। यह तर्क है।’

उन्होंने कहा कि पूरा विचार दसॉ पर दबाव डालने का है। मीडिया पर भी दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सौदे से संबंधित सच सामने आएगा और इसके लिए पर्याप्त सामग्री है।



यह पूछे जाने पर कि अन्य दल राफेल सौदे पर बोलने के लिए उनके साथ क्यों नहीं आ रहे हैं, गांधी ने कहा कि वह बोलें या कोई और बोले, असली मुद्दा यह है कि ‘‘कोई और नहीं बल्कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री भ्रष्ट हैं।’’



राहुल के अनुसार, दसॉ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री ने करार के लिए जोर लगाया। अब ओलांद और दसॉ दोनों कह रहे हैं कि भारत के प्रधानमंत्री का कहना है कि ‘‘इस रियायत के बिना, यह सौदा नहीं हो सकता।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, ‘‘ ‘रियायत’ किस लिए, अनिल अंबानी ने क्या किया? उन्हें किस लिए रियायत दी जा रही है, यह सवाल है?’’

उन्होंने कहा कि दसॉ को एक बहुत बड़ा करार मिला है और वह वही कहेगी जो भारत सरकार उससे कहलवाना चाहती है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने इस आरोप को दोहराया है कि मोदी देश के नहीं बल्कि अंबानी के ‘‘चौकीदार’’ हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘एक चीज बहुत साफ है... भारत के प्रधानमंत्री ने राफेल करार अनिल अंबानी की कंपनी को दिलवाया और केवल यह करार नहीं है, बल्कि कुछ और रक्षा करार दिये जाएंगे।’’

राहुल ने कहा कि सभी रक्षा अनुबंधों पर सवाल खड़े किये जाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भारत के युवाओं, किसानों, छोटे दुकानदारों और भाइयों एवं बहनों, नरेंद्र मोदी जी ने अनिल अंबानी की चौकीदारी की है और सच यह है कि उन्होंने उन्हें (अंबानी) तथा उनके कारोबार को बचाने के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का करार दिया।’’

कांग्रेसी नेताओं तथा उनके परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में है और वह किसी भी तरह की जांच करा सकती है।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने संवाददाताओं से कहा ‘‘ एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने राफेल डील को 'गेम चेंजर' सौदा बताया है, वहीं राहुल गांधी इसके विपरीत बोल रहें है। अब देश की जनता तय करे कि वो किस पर विश्वास करेगी एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ पर या राहुल गांधी पर ?" राफेल विमान सौदे पर कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए पात्रा ने कहा कि अपने आप को देश के उच्चतम न्यायालय, भारत और फ्रांस की सरकार और साथ ही एयर चीफ मार्शल से भी बड़ा समझकर वे (राहुल) देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहें है ।

पात्रा ने कहा कि "राहुल गांधी स्वयं एक बिचौलिये के परिवार से आते हैं और जहां पर एक बिचौलिया काफी महत्वपूर्ण है। साल 2014 से पहले हर सौदे में इन्होंने पैसा बनाया और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का काम किया।"

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ झूठ और फरेब के आधार पर देश में भ्रांति फैलाकर राहुल गांधी अपनी राजनीतिक इमारत बनाने की कोशिश कर रहें है ।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि "झूठ पकड़े जाने के बाद भी दोबारा झूठ कहने की हिम्मत अगर इस देश में किसी की है तो वह राहुल गांधी की है ।"

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि देश की जनता जान चुकी है कि भ्रम पैदा कर जिस प्रकार की अपनी राजनीतिक इमारत बनाने की कोशिश राहुल गांधी कर रहे है, यह संभव नहीं है।

संबित पात्रा ने सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल जनहित याचिकाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कांग्रेस के कहने पर सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका (पीआईएल) लेकर पहुंचे।

पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि यहां पीआईएल कोई जनहित याचिका नहीं थी बल्कि पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन थी।

राफेल विमान सौदे के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह कीमत और तकनीकी पहलू पर कोई विचार नहीं करेंगे। इससे साफ पता चलता है कि अदालत में उनकी हार हुई है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि "राहुल गांधी दावा करते हैं कि उनके पास राफेल के बारे में बहुत से दस्तावेज हैं तो क्यों नहीं वह सब कागजात लेकर उच्चतम अदालत चले जाते। क्या राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास नहीं है ?"

पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ राजनीति करते हैं उनके पास तथ्यात्मक रूप से कोई जानकारी नहीं होती।

उन्होंने कहा कि "राहुल गांधी केवल झूठ बोल रहे हैं । आप राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते ।"

उल्लेखनीय है कि राफेद सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि वह एक ‘‘भ्रष्ट व्यक्ति’’ हैं जिन्होंने लड़ाकू विमानों की खरीद में अनिल अंबानी को 30,000 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया।

‘मीडियापार्ट’ की खबर के बाद अपनी प्रतिक्रिया में दसॉ एविऐशन ने कहा कि भारतीय नियमों तथा करार के अनुरूप कंपनी खरीद के मूल्य की 50 प्रतिशत के बराबर राशि भारत में कलपुर्जे खरीदने और अनुसंधान एवं विकास सुविधाएं स्थापित करने में खर्च (आफसेट) करने के लिए प्रतिबद्ध है।



दसॉ और रिलायंस डिफेंस विमान के उपकरण बनाने तथा राफेल सौदे की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए संयुक्त उपक्रम गठित करने की घोषणा कर चुके हैं।

कांग्रेस इस सौदे में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगा रही है और उसका कहना है कि सरकार हर विमान 1670 करोड़ रुपये से अधिक की राशि में खरीद रही है जबकि संप्रग सरकार ने 126 राफेल विमानों की खरीद पर बातचीत के दौरान हर विमान की 526 करोड़ रुपये की राशि तय की थी।



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