21 Nov 2018, 02:3 HRS IST
  • भ्रष्टाचार के दीमक को साफ करने के लिये नोटबंदी जैसी बड़े तेज दवाई का उपयोग जरुरी था: प्रधानमंत्री
    भ्रष्टाचार के दीमक को साफ करने के लिये नोटबंदी जैसी बड़े तेज दवाई का उपयोग जरुरी था: प्रधानमंत्री
    'चौकीदार ही चोर' नामक क्राइम थ्रिलर चल रहा है : राहुल
    'चौकीदार ही चोर' नामक क्राइम थ्रिलर चल रहा है : राहुल
    सबरीमला: भगवान अयप्पा मंदिर का दर्शन करने जाते श्रद्धालुगण
    सबरीमला: भगवान अयप्पा मंदिर का दर्शन करने जाते श्रद्धालुगण
    वार्षिक पुष्कर मेले में घुमता एक व्यापारी
    वार्षिक पुष्कर मेले में घुमता एक व्यापारी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम राष्ट्रीय
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला, प्रधानमंत्री जिम्मेदारी लें: कांग्रेस

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 12:56 HRS IST

नयी दिल्ली, आठ नवंबर (भाषा) कांग्रेस ने नोटबंदी के दो साल पूरा होने के मौके पर बृहस्पतिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला और दावा किया कि आठ नवंबर, 2016 को उठाया गया कदम ‘आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला’ है।

पार्टी ने यह भी कहा कि अब नोटबंदी की जवाबदेही सुनिश्चित करने का समय आ गया है और प्रधानमंत्री को जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्त रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘‘नोटबंदी आज़ादी के बाद सबसे बड़ा घोटाला है। नोटबंदी से कालाधन रखने वालों की हुई ऐश, रातों रात ‘सफेद’ बनाया सारा कैश! न काला धन मिला, ना नक़ली नोट पकड़े गए, ना ही आतंकवाद व नक्सलवाद पर लगाम लगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘120 लोग मारे गए, अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ का नुकसान, लाखों नौकरियाँ गयी। मोदी जी, देशवासियों को अब तक ‘अर्थव्यवस्था तहस-नहस दिवस’ यानी नोटबंदी की दूसरी बरसी की बधाई नहीं दी? कोई विज्ञापन भी नहीं? आप भूल गए होंगे लेकिन देशवासियों को याद है। तैयार रहिए, पश्चात्ताप का समय अब दूर नहीं।’’

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘जनता नोटबंदी का बदला भाजपा के ख़िलाफ़ वोट की चोट से लेगी। वक़्त आ गया है कि प्रधानमंत्री मोदी इस तबाही की ज़िम्मेदारी लें, जिसके कारण आम जनता ने लगातार दर्द सहा। वक़्त आ गया है नोटबंदी की जवाबदेही सुनिश्चित करने का। वक़्त आ गया है नोटबंदी घोटाले की जाँच का, ताकि दोषी पकड़े जाएँ। देश कभी नहीं भूलेगा।’’

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा की जिसके तहत, उन दिनों चल रहे 500 रुपये और एक हजार रुपये के नोट चलन से बाहर हो गए थे।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।