21 Nov 2018, 01:26 HRS IST
  • भ्रष्टाचार के दीमक को साफ करने के लिये नोटबंदी जैसी बड़े तेज दवाई का उपयोग जरुरी था: प्रधानमंत्री
    भ्रष्टाचार के दीमक को साफ करने के लिये नोटबंदी जैसी बड़े तेज दवाई का उपयोग जरुरी था: प्रधानमंत्री
    'चौकीदार ही चोर' नामक क्राइम थ्रिलर चल रहा है : राहुल
    'चौकीदार ही चोर' नामक क्राइम थ्रिलर चल रहा है : राहुल
    सबरीमला: भगवान अयप्पा मंदिर का दर्शन करने जाते श्रद्धालुगण
    सबरीमला: भगवान अयप्पा मंदिर का दर्शन करने जाते श्रद्धालुगण
    वार्षिक पुष्कर मेले में घुमता एक व्यापारी
    वार्षिक पुष्कर मेले में घुमता एक व्यापारी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम राष्ट्रीय
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • कोई जेटली को याद दिलाए कि नोटबंदी पर उन्होंने पहले क्या कहा था: चिदंबरम

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 13:54 HRS IST

नयी दिल्ली, आठ नवंबर (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने नोटबंदी के संदर्भ में वित्त मंत्री अरुण जेटली के ताजा बयान की आलोचना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि जेटली को याद दिलाया जाना चाहिए कि उन्होंने नोटबंदी के बारे में पहले क्या कहा था और अटॉर्नी जनरल ने इस विषय पर उच्चतम न्यायालय में क्या बात कही थी।

पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा,‘‘वित्त मंत्री कहते हैं कि नोटबंदी का मकसद मुद्रा की जब्ती नहीं था। क्या कोई उनको याद दिलाएगा कि उन्होंने मीडिया से क्या कहा था और अटॉर्नी जनरल ने उच्चतम न्यायालय को क्या बताया था?’’

उन्होंने कहा, ‘‘तीन से चार लाख करोड़ रुपये हासिल करने का सपना था। बैंक काउंटरों पर मनी लॉन्ड्रिंग के कारण यह दिवा स्वप्न साबित हुआ।’’

गौरतलब है कि वित्त मंत्री जेटली ने बृहस्पतिवार को कहा कि नोटबंदी से औपचारिक अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ और कर आधार भी बढ़ा। इससे सरकार के पास गरीबों के हित में काम करने और बुनियादी ढांचे का विकास करने के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हुए।

नोटबंदी की दूसरी बरसी पर एक फेसबुक पोस्ट में जेटली ने लिखा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के पहले चार साल में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या बढ़कर 6.86 करोड़ हो गई जबकि मई 2014 यह संख्या 3.8 करोड़ थी।

‘नोटबंदी का प्रभाव’ शीर्षक से लिखे अपने इस लेख में जेटली ने कहा, ‘‘इस सरकार के पांच साल पूरे होने तक, हम करदाताओं की संख्या को दोगुना कर चुके होंगे।’’

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा की थी जिसके तहत, उन दिनों चल रहे 500 रुपये और एक हजार रुपये के नोट तत्काल प्रभाव से चलन से बाहर हो गए थे।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।