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  • देहरादून में रात दस बजे के बाद भी पटाखे चले

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 20:37 HRS IST



देहरादून, आठ नवंबर :भाषा:
रात दस बजे के बाद पटाखे चलाने पर उच्चतम न्यायालय द्वारा लगाये गये प्रतिबंध का दीवाली की रात यहां जमकर उल्लंघन हुआ और पुलिस अधिकारियों ने भी माना कि आदेश को लागू करने में केवल आंशिक सफलता ही मिली ।

कल आधी रात के बाद भी पटाखों की आवाज से गूंजते रहे शहर में दस व्यक्तियों को प्रतिबंध का उल्लंघन करने के लिये दंडित किया गया ।

देहरादून की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने कहा, ‘‘शहर के विभिन्न भागों में कल रात दस बजे के बाद भी पटाखे चला रहे दस व्यक्तियों का हमने चालान किया है । ग्रामीण क्षेत्रों में दंडित किये गये लोगों की संख्या हमें अभी नहीं मिल पायी है ।’’ प्रतिबंध को लागू कर पाने में पुलिस को केवल आंशिक सफलता मिलने की बात स्वीकार करते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, अशोक कुमार ने कहा कि इस प्रकार के प्रतिबंध को पूरी तरह से लागू कर पाना मुश्किल है क्योंकि ज्यादातर मामलों में आदेश का उल्लंघन करने वाले बच्चे हैं ।

उन्होंने कहा, ‘‘बच्चों को चेतावनी दी जा सकती है या डांटा जा सकता है लेकिन इसके लिये क्या उन्हें गिरफतार किया जाये ।'’ कुमार ने यह भी कहा कि पुलिस हर जगह नहीं हो सकती और प्रतिबंध का उल्लंघन किसी भी गली या मोहल्ले में हो सकता है । उन्होंने कहा कि हर जगह निगाह रख पाना हमेशा संभव नहीं हो पाता ।

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने नाम उजागर न किये जाने की शर्त पर कहा कि पुलिस की भी अपनी सीमायें हैं और कानून एवं व्यवस्था तथा जनता की सुरक्षा प्राथमिकता में किसी भी अन्य बात से ऊपर है ।

अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर कहीं आग लग जाती है या दो समूहों के बीच झगड़ा या मारपीट हो जाती है तो उस स्थिति को संभालना हमारे लिये प्राथमिकता पर आ जाता है और रात दस बजे के बाद पटाखे चला रहे लोगों को पकड़ना पीछे छूट जाता है ।’’ उन्होंने सुझाव दिया कि पटाखों के निर्माण और बिक्री को पूरी तरह से प्रतिबंधित करना शायद इससे बेहतर विकल्प रहेगा ।

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