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  • बजरंग दल के संयोजक के बयानों में विरोधाभास

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 21:10 HRS IST



नयी दिल्ली, छह दिसंबर (भाषा) बुलंदशहर में सोमवार को हुई गोकशी की घटना को लेकर बजरंग दल की प्रदेश इकाई के संयोजक योगेश राज के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। कथित गोकशी की घटना ने बाद में भीड़ हिंसा का रूप धारण कर लिया था जिसमें एक पुलिस निरीक्षक समेत दो लोगों की जान चली गई थी।

बुलंदशहर के स्याना पुलिस थाने में पुलिस ने दो प्राथमिकियां दर्ज की थी - एक गोकशी को लेकर और दूसरी भीड़ की हिंसा को लेकर जिसमें एक गांववाले की भी मौत हो गई थी।

पहली प्राथमिकी राज की शिकायत पर घटना वाले दिन तीन दिसंबर को दोपहर एक बजे दर्ज की गई जिसमें उसने महाव गांव के पास गोकशी का दावा किया था और पास के नया बांस गांव के सात लोगों पर आरोप लगाया था।

दूसरी प्राथमिकी जिसमें पुलिस खुद एक शिकायतकर्ता है, दंगे एवं हिंसा को लेकर चार दिसंबर को सुबह ढाई बजे दर्ज की गई और इसमें राज समेत 26 लोगों को नामजद किया गया जिनमें दक्षिणपंथी समूहों के लोग भी शामिल थे। साथ ही 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया।

राज की शिकायत पर दर्ज पहली प्राथमिकी में कहा गया, “सुबह करीब नौ बजे हम (योगेश राज, शिखर कुमार, सौरभ आदि) घूमते-घूमते महाव गांव के जंगल पहुंचे। वहां हमने सुदैफ चौधरी, इल्यास, शराफत अनस, साजिद, परवेज, सर्फुद्दीन (नया बांस गांव के निवासी) आदि को गाय काटते देखा और जैसे ही हमने चिल्लाना शुरू किया वे वहां से भाग गए।

प्राथमिकी में इसमें कहा गया, “सूचना देने पर स्याना थाने की पुलिस एवं स्याना के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। ऊपर जिन लोगों का जिक्र किया गया है वे नृशंस तरीके से गाय काट रहे थे जिससे हमारी हिंदू धार्मिक भावनाएं आहत हो गईं।”

हिंसा के करीब 50 घंटे बाद तथा राज समेत कई आरोपियों के फरार होने के बाद उसके बयान के साथ एक कथित वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर सामने आया जिसमें उसने कहा कि पुलिस उसे ‘हिस्ट्री शीटर’ के तौर पर पेश कर रही है।

सोमवार की घटना का संदर्भ देते हुए वह वीडियो में कह रहा है, “उस दिन दो घटनाएं हुईं थी।”

उसने कहा, “पहली घटना स्याना के पास महाव गांव में गोकशी से जुड़ी हुई है। मुझे जब इसकी सूचना मिली तो मैं अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। पुलिस भी वहां पहुंची। बाद में हम लोग स्याना थाने में शिकायत दर्ज कराने आए।’’

कथित वीडियो में योगेश ने दावा किया है कि जब वे लोग शिकायत दर्ज करा रहे थे, उसी समय उन्हें पथराव और गोलीबारी होने की खबर मिली।

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