25 Aug 2019, 23:30 HRS IST
  • सिंधू विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं
    सिंधू विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं
    सिंधू विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं
    सिंधू विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं
    मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि भागवत भवन में उमड़े श्रद्धालु
    मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि भागवत भवन में उमड़े श्रद्धालु
    पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेते
    पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेते
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम अर्थ
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • देश का इंजीनियरिंग निर्यात 2025 तक 200 अरब डॉलर पर पहुंचाने का लक्ष्य

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 16:17 HRS IST

चेन्नई , 15 मार्च (भाषा) भारत के इंजीनियरिंग निर्यात को 2025 तक तीन गुना बढ़कर 200 अरब डॉलर पर पहुंचने का " महत्वाकांक्षी " लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार और उद्योग को अनुकूल तंत्र स्थापित करने के लिए ठोस प्रयास करने और कच्चे माल को उचित कीमत पर बनाए रखने की जरूरत है। ईईपीसी इंडिया - डेलॉयट ने अपने रणनीतिक दस्तावेज (स्ट्रैटजी पेपर) में यह बात कही।

वाणिज्य सचिव अनूप वाधवान ने कहा कि वाणिज्य विभाग और ईईपीसी दस्तावेज द्वारा सुझाई गई रूपरेखा की जांच - पड़ताल करेगा और संभावित अवसरों की पहचान के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

इंटरनेशनल इंजीनियरिंग सोर्सिंग शो में जारी दस्तावेज में सुझाया गया है , " वाणिज्य मंत्रालय और ईईपीसी के नेतृत्व के साथ बातचीत के आधार पर भारत का इंजीनियरिंग निर्यात 2025 तक अप्रत्याशित रूप से बढ़कर 200 अरब डॉलर पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह 2017-18 के निर्यात का करीब तीन गुना है। "

वाधवान ने कहा कि ईईपीसी इंडिया - डेलॉयट के अध्ययन में देश की निर्यात क्षमता को बढ़ाने और " महात्वाकांक्षी " लक्ष्य को हासिल करने के अवसरों पर प्रकाश डाला गया है।

ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन रवि सहगल ने कहा कि कुल माल निर्यात में इंजीनियरिंग निर्यात का 25 प्रतिशत योगदान है। इंजीनियरिंग निर्यात के चालू वित्त वर्ष में 80-82 अरब डॉलर के करीब रहने का अनुमान है।

सहगल ने कहा कि 200 अरब डॉलर के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है यदि हम मिलकर काम करे और यह सुनिश्चित करें कि सामान्य कच्चा माल इस्पात उचित मूल्य पर उपलब्ध हो।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में