27 Jun 2019, 04:27 HRS IST
  • न्यायालय का गुजरात में रास की दो सीटों पर अलग-अलग उपचुनाव के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से इंकार
    न्यायालय का गुजरात में रास की दो सीटों पर अलग-अलग उपचुनाव के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से इंकार
    जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में मुठभेड़, चार आतंकवादी ढेर
    जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में मुठभेड़, चार आतंकवादी ढेर
    सिरिसेना से मिले प्रधानमंत्री मोदी, पारस्परिक हित के द्विपक्षीय मुद्दों पर की चर्चा
    सिरिसेना से मिले प्रधानमंत्री मोदी, पारस्परिक हित के द्विपक्षीय मुद्दों पर की चर्चा
    मोदी ने गुरुवायुर में कहा, वाराणसी जितना ही मुझे प्रिय है केरल
    मोदी ने गुरुवायुर में कहा, वाराणसी जितना ही मुझे प्रिय है केरल
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम अर्थ
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • ‘जेट एयरवेज मामले में कर्जदाताओं-कर्जदारों की बातचीत से निकल सकते हैं बेहतर परिणाम’

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 13:24 HRS IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) नकदी संकट से जूझ रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज को लेकर एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने सोमवार को कहा कि इस मामले में दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया अपनाने से बेहतर परिणाम कंपनी और कर्जदाताओं के बीच बातचीत से सामने आ सकते हैं।

कॉरपोरेट मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि कर्जदाता और कर्जदार बातचीत कर रहे हैं। यह सबसे अच्छी प्रक्रिया है।’’

श्रीनिवास इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या जेट एयरवेज दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता के लिये एक अनुकूल मामला है।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि कर्जदाताओं और कर्जदारों के बीच बातचीत से बेहतर परिणाम सामने आते हैं तो यह दिवाला एवं ऋणशोधन की प्रक्रिया में जाने से बेहतर होगा, लेकिन यदि दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया ही एकमात्र रास्ता बचा हो तो बैंकों को कदम उठाना होगा।’’

श्रीनिवास ने आईबीसी को अंतिम उपाय बताते हुए कहा कि यदि कंपनी के भीतर फिर से स्थिति ठीक करने की क्षमता शेष हो तो कंपनी और कर्जदाताओं दोनों के लिये यही बेहतर है कि वे मामले का समाधान निकालने की कोशिश करें।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि कर्जदाताओं और शेयरधारकों के बीच कोई करार नहीं है तब आपको आईबीसी सहित अन्य विकल्पों पर गौर करना होगा।’’



  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में