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  • अदालत या सीओए नहीं चयनित संस्था को चलाना चाहिए क्रिकेट : न्यायमित्र

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 19:5 HRS IST

नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय से नियुक्त न्यायमित्र पी एस नरसिम्हा का मानना है कि बीसीसीआई लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गयी संस्था गठित करने की तरफ बढ़ रहा है तथा अदालत या उससे नियुक्त निकाय के बजाय चुनी गयी संस्था को खेल का संचालन करना चाहिए।



नरसिम्हा ने विभिन्न राज्य इकाईयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के बाद हाल में शीर्ष अदालत में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी तथा चुनावों के लिये जमीन तैयार कर रहे हैं।



एक अन्य प्रासंगिक पहलू पर पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ने स्पष्ट किया कि नौ सदस्यीय शीर्ष परिषद की बात लोढ़ा समिति ने कभी नहीं कही थी।



नरसिम्हा ने पीटीआई को साक्षात्कार में कहा, ‘‘आखिर में क्रिकेट के आयोजकों (अधिकारियों) को ही इसकी देखरेख करनी है। खेल की देखरेख करना अदालत का काम नहीं है। यह वकीलों का काम नहीं है। यह अदालत से नियुक्त समिति का काम नहीं है कि वह खेल का संचालन करना जारी रखे।’’



उन्होंने कहा, ‘‘यह काम क्रिकेट आयोजकों का है और ये आयोजक निर्वाचित निकाय हैं। अब सुधारों के बाद उसमें क्रिकेटरों को शामिल करना भी जरूरी है। वे क्रिकेट का संचालन करेंगे। मुझे लगता है कि चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सुधारों की प्रक्रिया बहुत पहले शुरू हो गयी थी और अब उन्हें लागू करने का समय है।’’



न्यायमित्र ने कहा कि राज्य इकाईयों के साथ उनकी कुल 135 घंटे तक चली मध्यस्थता प्रक्रिया उपयोगी रही और यह मसला अब अच्छे नतीजे के करीब है।



नरसिम्हा ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि यह अच्छी निष्कर्ष के करीब है। इसलिए मुझे लगता है कि इस मध्यस्थता प्रक्रिया के कारण चुनाव करवाने और लोकतांत्रिक तरीके से चुने गये बीसीसीआई के लिये कुछ हद तक रास्ता तैयार किया है। मेरा अनुभव शानदार रहा और राज्य इकाईयां अपने जवाबों के प्रति उत्साही थी। ’’

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