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  • जो ऐतिहासिक सच था, बस वही कहा: कमल हासन

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 20:57 HRS IST

मदुरै, 15 मई (भाषा) महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के संदर्भ में दिये गये बयान‘आजाद भारत का पहला चरमपंथी एक हिंदू था’ पर विवादों में घिर गये मक्कल नीधि मैयम (एमएनएम) के संस्थापक कमल हासन ने बुधवार को कहा कि उन्होंने वही कहा है जो एक ऐतिहासिक सच था।

इस बीच मद्रास उच्च न्यायालय ने हासन की इस याचिका पर गौर करने से इनकार कर दिया कि उनके खिलाफ दर्ज की गयी प्राथमिकी खारिज की जाए।

अरवाकुरिचि पुलिस ने मंगलवार को हसन के खिलाफ भादसं की धाराएं 153 ए और 295 ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। ये धाराएं क्रमश: धार्मिक भावनाएं आहत करने और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने से जुड़ी हैं।

उनकी पार्टी ने दावा किया कि रविवार को उनके दिये गये बयान को ‘संदर्भ से पूरी तरह हटाकर’ पेश किया गया।

रविवार के बयान के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए फिल्मी दुनिया से राजनीति में उतरे हासन ने अपने विरोधियों से बस ‘वैध आरोप’ लगाने को कहा है और पूछा कि राजनीति में कदम रखने के बाद क्या वह समाज के बस एक ही तबके की बात करें।

हासन ने मदुरै के समीप तिरूपुरकुंदरम में उप चुनाव के प्रचार के दौरान कहा, ‘‘मैं अरवाकुरिचि में जो कुछ कहा, उससे वे नाराज हो गये। मैंने जो कुछ कहा है वह ऐतिहासिक सच है। मैं किसी को झगड़े के लिए नहीं उकसाया। ’’

उन्होंने कहा कि सच विजयी होता है न कि जाति और धर्म, तथा ‘‘मैने ऐतिहासिक सच कहा है, ’’

हासन ने कहा, ‘‘चरमपंथी शब्द का अर्थ समझिए। मैं (गोडसे के खिलाफ) आतंकवादी या हत्यारा शब्द का इस्तेमाल कर सकता था । हम सक्रिय राजनीति में हैं, कोई हिंसा नहीं होगी।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण को चुनिंदा ढंग से संपादित किया गया । उन्होंने यह कहते हुए विरोधियों पर निशाना साधा कि उनके खिलाफ लगाये गये आरोप के लिए हमारे मीडिया के दोस्त भी जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा कि क्या उनके आलोचक उनके बयान में ऐसा कुछ दिखा सकते हैं जो हिंसा भड़काए और कहा कि उनके खिलाफ लगे आरोपों से उन्हें पीड़ा पहुंची है।

उन्होंने कहा, ‘‘वे कह रहे हैं कि मैंनें हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाया। मेरे परिवार में भी कई हिंदू हैं। मेरी बेटी भी हिंदू धर्म को मानती है।’’

हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन से बेटी, क्योंकि उनकी दो बेटियां हैं।

हासन ने कहा, ‘‘ मुझे अपमानित करने के लिए मेरी विचारधारा का ढोल मत पीटिए। आपके हाथ कुछ नहीं आएगा। दरअसल ईमानदारी मेरी विचारधारा का आधार है जबकि आपके साथ ऐसा नहीं है।’’

उन्होंने बिना किसी का नाम लिये कहा, ‘‘ आपने अपने बुनियाद को झूठा बना लिया है, आप कहीं भी हों, चाहे दिल्ली या चेन्नई में, आप लंबे समय तक झूठ बोलकर लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते।’’

हासन ने एक विवाद को जन्म देते हुए रविवार को कहा था कि आजाद भारत का पहला चरमपंथी हिंदू था। उनका इशारा नाथूराम गोडसे की ओर था जिसने महात्मा गांधी की हत्या की।

इस बीच एमएनएम के उपाध्यक्ष आर महेंद्रन ने कहा कि उनकी पार्टी के प्रमुख के अरवाकुरिचि भाषण को दुर्भावना से संदर्भ से पूरी तरह हटाकर पेश किया गया है।

उन्होंने एक बयान में आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक संगठनों की शह पर ऐसा किया गया।

मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने कहा कि हसन के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को खारिज करने की अर्जी पर अवकाश के दौरान तत्काल सुनवाई के लिए उसे तत्काल हाथ में नहीं लिया जा सकता। उच्च न्यायालय ने कहा कि वैसे यदि हसन अग्रिम जमानत की अर्जी देते हैं तो उस पर सुनवाई हो सकती है।

उधर दिल्ली उच्च न्यायालय ने हसन के बयान के खिलाफ कार्रवाई तथा चुनाव आयोग को चुनावी फायदे के लिए धर्म के इस्तेमाल पर रोक के लिए कार्रवाई करने का निर्देश देने संबंधी एक जनहित याचिका पर गौर करने से इनकार कर दिया।

इस बीच भाजपा ने कहा कि यह ऐसा विषय नहीं है जिस पर सार्वजनिक सभा में बोला जाए और उसने पूछा किया कि गांधी की हत्या के इतने सालों बाद उन्हें किसने इस मुद्दे को उठाने के लिए उकसाया।

उधर वैष्णव संत मन्नागुडी के चंद्रलेखा संपत कुमार रामानुज जीयार ने कहा है कि यदि हासन ऐसे बयान देते रहे वह प्रदर्शन पर उतर आयेंगे।

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