26 May 2020, 16:15 HRS IST
  • लॉकडाउन के बीच दिल्ली से अपने घर लौटते प्रवासी श्रमिक
    लॉकडाउन के बीच दिल्ली से अपने घर लौटते प्रवासी श्रमिक
    प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
    प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम राष्ट्रीय
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • आजाद ने मोदी की तुलना मोहम्मद बिन तुगलक से की

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 20:7 HRS IST

शिमला, 16 मई (भाषा) कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों को 14वीं सदी के दिल्ली के विवादित शासक मोहम्मद बिन तुगलक के फैसलों सा बताया।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने 2016 की नोटबंदी के कदम की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि मोदी ने अपने शासन में कई ‘तुगलकी फरमान’ जारी किये जिनके चलते आम जनता को परेशानी हुई।

आजाद ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मोदी ने 500 रुपये, 1,000 रुपये के नोट को नये नोटों से बदला जैसा तुगलक अपने शासन के दौरान कांसे और तांबे की मुद्रा जारी करता था।’’

तुगलक ने 14वीं सदी में दिल्ली की सल्तनत पर शासन किया था। उन्हें सल्तनत की राजधानी दिल्ली से दौलताबाद बदलने और गैर कीमती धातु की मुद्रा को शुरू करने जैसे विवादित फैसलों के लिये जाना जाता है।

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मोदी ने नोटबंदी का फैसला ‘‘आरबीआई गवर्नर और मंत्रिमंडल की सलाह लिये बगैर’’ किया।

आजाद ने दावा किया कि नोटबंदी और गलत तरीके से लायी गयी जीएसटी से अर्थव्यवस्था पर, खास तौर पर लघु और मध्यम उद्योगों पर बुरा असर पड़ा। इसके चलते साढ़े चार करोड़ लोगों से रोजगार छिन गया।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार की इस योजना से बीमा कंपनियों को 3,000 करोड़ रुपये का फायदा हुआ जबकि महज 45 फीसदी किसानों को ही इस योजना के तहत बीमा कवर मिला।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने संसद में पूछा था कि क्या इस योजना को किसानों के लाभ के लिये शुरू किया गया है या बीमा कंपनियों के, लेकिन मोदी ने इसका कोई जवाब नहीं दिया।’’

आजाद से जब पूछा गया कि क्या लोकतांत्रिक रूप से चुने प्रधानमंत्री की तुलना तुगलक से करना उचित है तो उन्होंने जवाब दिया, ‘‘मैंने मोदी की तुलना तुगलक से नहीं की है। मैंने बस यह कहा है कि मोदी तुगलक जैसे हैं।’’

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।