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  • कोई दबाव नहीं, क्योंकि डेढ़ अरब लोग ही भारत से विश्व कप जीतने की उम्मीद कर रहे हैं : हार्दिक

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 15:6 HRS IST

नाटिंघम, 13 जून (भाषा) भारतीय क्रिकेट टीम पर अपेक्षाओं का भारी बोझ है लेकिन आलराउंडर हार्दिक पंड्या ने यह कहकर उसे कम करने की कोशिश की कि ‘संभवत: केवल डेढ़ अरब लोग ही’ उनसे विश्व कप जीतने की उम्मीद लगाये हुए हैं।



भारत के विश्व कप अभियान में पंड्या सबसे बड़े खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।



हार्दिक ने आईसीसी द्वारा जारी किये गये वीडियो में कहा, ‘‘किसी तरह का दबाव नहीं है क्योंकि केवल एक अरब 50 करोड़ लोग ही उम्मीद लगाये हुए हैं, इसलिए कोई दबाव नहीं है। ’’



इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य विश्व कप जीतना है।



उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि 14 जुलाई को कप मेरे हाथ में हो। मैं बस इसी के बारे में सोच रहा हूं। यहां तक कि जब मैं इसके बारे में सोचता हूं तब भी मुझे अजीब सी खुशी मिलती है। मेरी योजना बहुत सरल है - विश्व कप जीतना। मैं इसकी उम्मीद कर रहा हूं और मैं खुद से ऐसी आस लगाये हुए हूं। ’’



हार्दिक ने कहा, ‘‘भारत की तरफ से खेलना मेरे लिये सब कुछ है। यह मेरी जिंदगी है। मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो इस खेल के प्रति प्यार और जुनून से क्रिकेट खेलता हूं। मुझे चुनौतियां पसंद हैं। पिछले साढ़े तीन साल से मैं इसकी तैयारियां कर रहा हूं और अब समय आ गया है। ’’



इस क्रिकेटर ने कहा कि अपने करियर के दौरान उन्हें जिन संघर्ष से गुजरना पड़ा उनसे उन्हें यह सीख मिली कि परिस्थिति कैसी भी हो हमेशा खुश रहना है।



हार्दिक ने कहा, ‘‘मैं हमेशा खुश रहता हूं। मैं खुश रहना पसंद करता हूं भले ही मेरी जिंदगी में कुछ भी हो रहा हूं। मैं और मेरा भाई (क्रुणाल) आपस में बात कर रहे थे और उसने कहा कि हम दोनों भाई हमेशा खुश रहते हैं।’’



उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि जहां से हम आये हैं हमारे लिये हर चीज बोनस की तरह है। ’’



हार्दिक ने याद किया कि विश्व कप 2011 की जीत के बाद उन्होंने कैसे जश्न मनाया था और तब उन्होंने देश की तरफ से खेलने का सपना देखा था।



उन्होंने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले मेरे एक मित्र ने मुझे एक तस्वीर भेजी थी और पूछा था क्या तुम्हें इसकी याद है, मैंने कहा, ‘हां जरूर।’’



हार्दिक ने कहा, ‘‘उसने भारतीय टीम की विश्व कप 2011 में जीत का जश्न मनाते हुए हमारी तस्वीर खींची थी। हम गली में निकल गये थे क्योंकि वह त्योहार बन गया था। मैंने एक रात में इतने अधिक लोगों को बाहर नहीं देखा था। इससे मैं वास्तव में भावुक हो गया था। ’’



उन्होंने कहा, ‘‘आठ साल बाद मैं विश्व कप 2019 में खेल रहा हूं। यह एक सपना था और टीम के मेरे साथी मेरे भाई जैसे हैं। ’’

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