15 Oct 2019, 19:32 HRS IST
  • मामल्लापुरम: भारत और चीन के बीच वार्ता का दृश्य
    मामल्लापुरम: भारत और चीन के बीच वार्ता का दृश्य
    नयी दिल्ली: केंद्रीय सूचना आयोग के 14वें वार्षिक सम्मेलन में बोलते गृह मंत्री अमित शाह
    नयी दिल्ली: केंद्रीय सूचना आयोग के 14वें वार्षिक सम्मेलन में बोलते गृह मंत्री अमित शाह
    मामल्लापुरम:चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के स्वागत में प्रस्तुति देते कलाकार
    मामल्लापुरम:चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के स्वागत में प्रस्तुति देते कलाकार
    मामल्लापुरम में सुबह का सैर करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
    मामल्लापुरम में सुबह का सैर करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम विदेश
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • करतारपुर गलियारा के स्वरूप पर चर्चा के लिए भारत, पाक विशेषज्ञों की 14 जुलाई को होगी बैठक

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 18:10 HRS IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 11 जुलाई (भाषा) भारत और पकिस्तान के विशेषज्ञ करतारपुर गलियारा के स्वरूप को अंतिम रूप देने के लिए मसौदा समझौता पर चर्चा करने को लेकर रविवार को वाघा सीमा पर बैठक करेंगे। वे संबद्ध तकनीकी मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।

यह गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार साहिब को गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक गुरूद्वारा से जोड़ेगा तथा भारतीय सिख श्रद्धालुओं की वीजा मुक्त आवाजाही को सुगम बनाएगा। श्रद्धालुओं को महज करतारपुर साहिब की यात्रा के लिए परमिट हासिल करनी होगी, जिसे सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव ने वर्ष 1522 में स्थापित किया था।

पाक विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने अपनी साप्ताहिक न्यूज ब्रीफिंग में कहा, ‘‘भारतीय प्रतिनिधिमंडल वाघा में होने वाली वार्ता के लिए पाकिस्तान आएगा।’’

विदेश कार्यालय ने दो जुलाई को कहा था कि पाकिस्तान ने मसौदा समझौता पर भारत के साथ दूसरे दौर की वार्ता करने के लिए 14 जुलाई का प्रस्ताव किया था, जिसे नयी दिल्ली ने स्वीकार कर लिया था।

इस ऐतिहासिक गलियारा के स्वरूप को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों की पहली बैठक अटारी में मार्च में हुई थी। तब14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ था।

भारत ने गलियारा पर पाकिस्तान द्वारा नियुक्त कमेटी में कई खालिस्तानी अलगाववादियों की मौजूदगी पर अपनी चिंताओं से पाक को अवगत कराया था।

गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान इस गलियारे निर्माण के लिए सहमत हुए थे।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में