25 Aug 2019, 23:54 HRS IST
  • सिंधू विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं
    सिंधू विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं
    सिंधू विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं
    सिंधू विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं
    मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि भागवत भवन में उमड़े श्रद्धालु
    मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि भागवत भवन में उमड़े श्रद्धालु
    पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेते
    पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेते
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम राष्ट्रीय
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • दिल्ली सरकार के, सहायता प्राप्त स्कूलों में सीबीएसई परीक्षा के लिए शुल्क नहीं देना होगा: सिसोदिया

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 15:35 HRS IST

नयी दिल्ली, 14 अगस्त (भाषा) दिल्ली सरकार के स्कूलों और सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों को सीबीएसई की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा और राज्य सरकार पूरा खर्च वहन करेगी।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को यह घोषणा की।

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा शुल्क वृद्धि की घोषणा के बाद दिल्ली सरकार ने यह निर्णय लिया।

सिसोदिया ने कहा कि शुल्क वृद्धि को वापस लेने के लिए सीबीएसई के साथ चर्चा जारी है।

उपमुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘दिल्ली सरकार के स्कूलों और सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों को सीबीएसई की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा और दिल्ली सरकार सभी श्रेणियों के छात्रों के लिए पूरा खर्च वहन करेगी और इसके तौर-तरीकों पर काम किया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार शुल्क वृद्धि को वापस लिये जाने के संबंध में सीबीएसई के साथ विचार-विमर्श कर रही है। चाहे जो भी हो, किसी भी छात्र पर बोझ नहीं पड़ेगा क्योंकि सरकार इस खर्च को वहन करेगी।’’

कक्षा 10वीं और 12वीं के सामान्य वर्ग के छात्रों के शुल्क में भी दोगुनी वृद्धि की गई है और अब उन्हें पांच विषयों के लिए 750 रुपये के स्थान पर 1500 रुपये देने होंगे।

अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्र पहले पांच विषयों के लिए बतौर फीस 375 रुपये देते थे और अब उन्हें 1,200 रुपये देने होंगे। राष्ट्रीय राजधानी में विशेष व्यवस्था के तहत ये छात्र केवल 50 रुपये का भुगतान कर रहे थे जबकि दिल्ली सरकार शेष राशि का भुगतान सब्सिडी के रूप में कर रही थी।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।