17 Nov 2019, 12:35 HRS IST
  • सबरीमला मामला- न्यायालय ने पुनर्विचार के लिए समीक्षा याचिकाएं सात न्यायाधीशों की पीठ के पास भेजी
    सबरीमला मामला- न्यायालय ने पुनर्विचार के लिए समीक्षा याचिकाएं सात न्यायाधीशों की पीठ के पास भेजी
    करतारपुर गलियारे का इस्तेमाल करने वाले भारतीयों सिखों के लिये पासपोर्ट जरूरी नहीं - पाक
    करतारपुर गलियारे का इस्तेमाल करने वाले भारतीयों सिखों के लिये पासपोर्ट जरूरी नहीं - पाक
    झारखंड में पांच चरणों में मतदान, 23 दिसंबर को मतगणना
    झारखंड में पांच चरणों में मतदान, 23 दिसंबर को मतगणना
    आईएसआईएस का सरगना बगदादी अमेरिकी हमले में मारा गया: ट्रंप
    आईएसआईएस का सरगना बगदादी अमेरिकी हमले में मारा गया: ट्रंप
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम राष्ट्रीय
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • अनुच्छेद 370 के रद्द होने से जम्मू कश्मीर, लद्दाख के निवासी बहुत लाभान्वित होंगे:कोविंद

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 19:57 HRS IST

नयी दिल्ली, 14 अगस्त (भाषा) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को विश्वास जताया कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले से ‘वहां के निवासी बहुत अधिक लाभान्वित होंगे।’

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कोविंद ने कहा, ‘‘...मुझे विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए हाल ही में किए गए बदलावों से वहां के निवासी बहुत अधिक लाभान्वित होंगे। वे भी अब उन सभी अधिकारों और सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे जो देश के दूसरे क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को मिलती हैं।’’

कोविंद ने कहा, ‘‘वे भी अब समानता को बढ़ावा देने वाले प्रगतिशील क़ानूनों और प्रावधानों का उपयोग कर सकेंगे। ‘शिक्षा का अधिकार’ (आरटीई) कानून लागू होने से सभी बच्चों के लिए शिक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। ‘सूचना का अधिकार’ मिल जाने से, अब वहां के लोग जनहित से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे; पारंपरिक रूप से वंचित रहे वर्गों के लोगों को शिक्षा व नौकरी में आरक्षण तथा अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी।’’

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाने और राज्य को विभाजित करने का फैसला लिया था। इससे जुड़े संकल्प एवं विधेयक को संसद की मंजूरी मिल चुकी है। दोनों केंद्र शासित प्रदेश -- जम्मू कश्मीर और लद्दाख-- 31 अक्टूबर से अस्तित्व में आएंगे।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।