21 Sep 2019, 05:57 HRS IST
  • पाकिस्तान ने मोदी के लिए वायु क्षेत्र खोलने का भारत का अनुरोध ठुकराया
    पाकिस्तान ने मोदी के लिए वायु क्षेत्र खोलने का भारत का अनुरोध ठुकराया
    प्रख्यात अधिवक्ता राम जेठमलानी का निधन
    प्रख्यात अधिवक्ता राम जेठमलानी का निधन
    लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटा, प्रधानमंत्री ने कहा- जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं
    लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटा, प्रधानमंत्री ने कहा- जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं
    ‘विक्रम’ की सॉफ्ट लैंडिंग की सभी तैयारियां पूरी
    ‘विक्रम’ की सॉफ्ट लैंडिंग की सभी तैयारियां पूरी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम राष्ट्रीय
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • दवाओं की कोई कमी नहीं, फोन पर पाबंदी से जिंदगियां बचीं : मलिक

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 15:28 HRS IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को राज्य में दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की किसी कमी से इनकार करते हुए कहा कि संचार माध्यमों पर पाबंदियों की वजह से वहां बहुत सी जिंदगियां बचीं।





मलिक ने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत दिए गए विशेष दर्जे को खत्म करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद राज्य में हिंसा में किसी शख्स की जान नहीं गई है।



पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि राज्य में प्रतिबंध कब तक जारी रहेंगे, उन्होंने कहा, “अगर संचार माध्यमों पर अंकुश लगाने से जिंदगी बचाने में मदद मिलती है तो इसमें क्या नुकसान है?”



मलिक ने कहा कि पूर्व में जब कश्मीर में संकट होता था, तो पहले ही हफ्ते में कम से कम 50 लोगों की मौत हो जाती थी।



उन्होंने कहा, “हमारा रवैया था कि इंसानी जान नहीं जानी चाहिए। 10 दिन टेलीफोन नहीं होंगे, नहीं होंगे, लेकिन हम बहुत जल्द सब वापस कर देंगे।”



मलिक ने कहा कि जम्मू कश्मीर में कहीं भी दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं है और लोगों की खरीद के लिए पर्याप्त उपलब्धता है।



उन्होंने कहा, “वास्तव में, ईद में हमने लोगों के घरों पर मीट, सब्जियों और अंडों की आपूर्ति की।”



राज्यपाल पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में थे। जेटली का शनिवार को यहां एम्स में निधन हो गया था।



जेटली को याद करते हुए मलिक ने कहा कि वह जेटली ही थे जिन्होंने पिछले साल जम्मू कश्मीर के राज्यपाल की जिम्मेदारी लेने के लिए उन पर जोर डाला था।



उन्होंने कहा, “अरुण जेटली ने मुझे सलाह दी थी कि मैं राज्यपाल की जिम्मेदारी लूं। उन्होंने मुझसे कहा कि यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने मुझसे यह भी कहा कि उनकी ससुराल के लोग जम्मू से हैं।”

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।