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  • हजारों साल बाद भी कृष्ण के संदेश प्रासंगिक : मोदी

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 18:12 HRS IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में जन्माष्टमी उत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि हर कोई व्यक्ति, श्री कृष्ण के जीवन में से, वर्तमान की समस्याओं का समाधान ढूंढ सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि शायद हमारे पूर्वजों ने, ऋतु चक्र, अर्थ चक्र और समाज जीवन की व्यवस्था को बखूबी इस प्रकार से ढाला है कि किसी भी परिस्थिति में, समाज में, कभी भी बोझिलपन ना आये। पिछले दिनों हम लोगों ने कई उत्सव मनाये। शनिवार को देश में जन्माष्टमी मनाई गई। कोई कल्पना कर सकता है कि कैसा व्यक्तित्व होगा, कि, आज हजारों साल के बाद भी, हर उत्सव, नयापन लेकर के आता है, नयी प्रेरणा लेकर के आता है। कृष्ण का जीवन हजारों साल बाद भी आज की समस्याओं का समाधान दे सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतना सामर्थ्य होने बावजूद भी कभी वो रास में रम जाते थे, तो कभी, गायों के बीच तो कभी ग्वालों के बीच, कभी खेल-कूद करना, तो कभी बांसुरी बजाना, ना जाने विविधताओं से भरा ये व्यक्तित्व, अप्रतिम सामर्थ्य का धनी, लेकिन, समाज-शक्ति को समर्पित, लोक-शक्ति को समर्पित, लोक-संग्राहक के रूप में, नये कीर्तिमान को स्थापित करने वाला व्यक्तित्व।

मोदी ने कहा कि मित्रता कैसी हो, तो, सुदामा वाली घटना कौन भूल सकता है और युद्ध भूमि में, इतनी सारी महानताओं के बावजूद भी, सारथी का काम स्वीकार कर लेना। कभी चट्टान उठाने का, कभी, भोजन के पत्तल उठाने का काम, यानी हर चीज में एक नयापन सा महसूस होता है

मोदी ने कहा, ‘‘जब हम, उत्सवों की चर्चा कर रहे हैं, तब, देश एक और बड़े उत्सव की तैयारी में जुटा है इसकी चर्चा पूरी दुनिया में है। मैं महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती की बात कर रहा हूं। 2 अक्टूबर, 1869, पोरबन्दर में एक व्यक्ति का नहीं पूरे एक युग का जन्म हुआ।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी सेवा-भाव के साथ संगठन-भाव पर भी जोर देते थे। इसी भाव को आत्मसात करना महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मोदी ने कहा, मेरा, आपसे जरूर आग्रह है, कि आने वाले समय में महात्मा गांधी से जुड़ी जगहों की यात्रा जरूर करें और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करें। ताकि, अन्य लोग भी उससे प्रेरित हों और उसके साथ अपनी भावनाओं को व्यक्त करने वाले दो-चार वाक्य भी लिखें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में कई कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं,प्रदर्शनियों की योजना बनाई गई है। लेकिन इस संदर्भ में एक बात बहुत रोचक है जो मैं आपसे साझा करना चाहता हूँ। ‘वेनिस बाइनेल’ नाम की एक मशहूर कला प्रदर्शनी है, जहाँ दुनिया भर के कलाकार जुटते है। उन्होंने कहा कि इस बार इसमें स्थापित भारत पैवेलियन में गांधी से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें हरिपुर पैनल विशेष था। एक बार फिर गांधी जी की 150वीं जन्म जयंती पर शुभकामनाओं के साथ, प्रत्येक भारतीय से कोई न कोई संकल्प की, अपेक्षा करता हूं। देश के लिए, समाज के लिए, किसी और के लिए कुछ न कुछ करना चाहिए। यही बापू को अच्छी, सच्ची, प्रमाणिक कार्यांजलि होगी।

मोदी ने कहा कि 29 अगस्त को ‘राष्ट्र खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस साल इस मौके पर ‘तंदरुस्त भारत आंदोलन’ लान्च किया जाएगा। हर एक के लिए लिए यह बड़ा और रोचक अभियान होगा, लेकिन उसकी बारीकियां अभी वह नहीं बताएंगे। उन्होंने 29 अगस्त का इंतजार करने की बात कही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं खुद उस दिन विस्तार से विषय में जानकारी दूंगा और आपको जोड़े बिना रहने वाला नहीं हूँ। क्योंकि आपको मैं फिट देखना चाहता हूँ। आपको फिटनेस के लिए जागरूक बनाना चाहता हूं।









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