22 Feb 2020, 18:52 HRS IST
  • आशंकाओं के बावजूद 1.3 अरब भारतीयों ने महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों का खुले दिल से स्वागत किया -  मोदी
    आशंकाओं के बावजूद 1.3 अरब भारतीयों ने महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों का खुले दिल से स्वागत किया - मोदी
    एजीआर बकाया भुगतान संबंधी आदेश का अनुपालन नहीं होने पर न्यायालय ने अपनाया कड़ा रुख
    एजीआर बकाया भुगतान संबंधी आदेश का अनुपालन नहीं होने पर न्यायालय ने अपनाया कड़ा रुख
    एनआरसी व एनपीआर- कांग्रेस व भाजपा ने एक दूसरे पर साधा निशाना
    एनआरसी व एनपीआर- कांग्रेस व भाजपा ने एक दूसरे पर साधा निशाना
    'आरएसएस के प्रधानमंत्री' भारत माता से झूठ बोलते हैं- राहुल फोटो पीटीआई
    'आरएसएस के प्रधानमंत्री' भारत माता से झूठ बोलते हैं- राहुल फोटो पीटीआई
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम विदेश
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • भारतीय मूल के पाकिस्तानी नेता बी एम कुट्टी का निधन

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 19:1 HRS IST

कराची, 25 अगस्त (भाषा) भारतीय मूल के प्रख्यात पाकिस्तानी नेता एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता बी एम कुट्टी का लंबी बीमारी के बाद रविवार को यहां निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे।

कुट्टी 70 साल पहले 19 वर्ष की आयु में 1949 में पाकिस्तान में बस गये थे। उनका जन्म केरल के मलप्पुरम नगर में हुआ था।

वह भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए काम करने वाले एक शांति समूह ‘पाकिस्तान पीस कोलेशन’ के महासचिव थे। वह बलूचिस्तान के गवर्नर के राजनीतिक सचिव भी रहे थे।

मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं पत्रकार मारवी सरमद ने कहा, ‘‘वह काफी समय से बीमार थे। उन्होंने नागरिक एवं मानवाधिकारों के लिए लड़ाई में अपना पूरा जीवन लगा दिया।’’

उनकी पत्नी बिरजिस सिद्दिकी का 2010 में निधन हो गया था। दंपती की चार संतानें हैं।

कुट्टी 2011 में अपनी आत्मकथा ‘स्वनिर्वासन में 60 साल: कोई अफसोस नहीं, एक राजनीतिक आत्मकथा’ से प्रसिद्ध हुए। इसमें उन्होंने केरल से कराची तक की अपनी यात्रा की कहानी बयां की है।

इस बीच, तिरूवनंतपुरम से प्राप्त खबर के मुताबिक केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कुट्टी के निधन पर शोक प्रकट किया है।

विजयन ने कुट्टी को एक ऐसा नेता बताया जो भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर संबंधों के हमेशा ही हिमायती रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘वह (कुट्टी) एक प्रख्यात पत्रकार और प्रतिबद्ध नेता भी थे, जिन्होंने शांति की खातिर एवं साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में