26 Feb 2020, 10:33 HRS IST
  • आशंकाओं के बावजूद 1.3 अरब भारतीयों ने महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों का खुले दिल से स्वागत किया -  मोदी
    आशंकाओं के बावजूद 1.3 अरब भारतीयों ने महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों का खुले दिल से स्वागत किया - मोदी
    एजीआर बकाया भुगतान संबंधी आदेश का अनुपालन नहीं होने पर न्यायालय ने अपनाया कड़ा रुख
    एजीआर बकाया भुगतान संबंधी आदेश का अनुपालन नहीं होने पर न्यायालय ने अपनाया कड़ा रुख
    एनआरसी व एनपीआर- कांग्रेस व भाजपा ने एक दूसरे पर साधा निशाना
    एनआरसी व एनपीआर- कांग्रेस व भाजपा ने एक दूसरे पर साधा निशाना
    'आरएसएस के प्रधानमंत्री' भारत माता से झूठ बोलते हैं- राहुल फोटो पीटीआई
    'आरएसएस के प्रधानमंत्री' भारत माता से झूठ बोलते हैं- राहुल फोटो पीटीआई
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम अर्थ
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • फेसबुक का मुकेश अंबानी को जवाब; डेटा कोई तेल नहीं, इसे देश के भीतर नहीं रोका जाना चाहिये

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 16:21 HRS IST

नयी दिल्ली , 12 सितंबर (भाषा) फेसबुक इंक ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को जवाब देते हुए कहा कि डेटा कोई नया तेल नहीं है। भारत जैसे देशों को डेटा को देश में ही रोकने के बजाय इसके दूसरे देशों में मुक्त प्रवाह की अनुमति देनी चाहिए।

फेसबुक के उपाध्यक्ष (विदेश मामले एवं संचार) निक क्लेग ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से डेटा साझा करना अहम है। गंभीर अपराध और आतंकवाद पर शिकंजा कसने के बीच भारत खुद को प्रमुख वैश्विक डेटा - साझाकरण पहलों से बाहर रखता है।

उन्होंने कहा , " भारत को इंटरनेट के लिए एक नया खाका तैयार करना चाहिए जो व्यक्तिगत अधिकारों का सम्मान करता हो। साथ ही प्रतिस्पर्धा और नवाचार को प्रोत्साहित करे और सभी के लिए मुक्त और आसानी से उपलब्ध हो। "

रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कुछ समय पहले कहा था कि डेटा एक नए तेल की तरह है। भारतीय डेटा का नियंत्रण और स्वामित्व भारतीय लोगों के पास होना चाहिए , डेटा कंपनियों या विशेष रूप से विदेशी कंपनियों के पास नहीं।

क्लेग ने यहां एक कार्यक्रम में कहा , " भारत और पूरी दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो डेटा को नया तेल समझते हैं और उनका मानना है कि इस तरह के तेल (डेटा) के भंडार को देश की सीमा के भीतर रखने से समृद्धि आएगी। हालांकि , यह मानना सरासर गलत है। "

उन्होंने कहा , " डेटा कोई तेल नहीं है। जिसे जमीन से निकाल कर उसका नियंत्रण अपने हाथ में रखा जाए और उसका कारोबार किया जाए। यह नवाचार के विशाल समुद्र के रूप में है। "

क्लेग ने कहा कि डेटा का मूल्य " जमाखोरी " या फिर सीमित वस्तु की तरह इसका कारोबार नहीं से नहीं प्राप्त होता है बल्कि डेटा के मुक्त प्रवाह की अनुमति दी जानी चाहिए। यह नवाचार को बढ़ावा देता है।

क्लेग ने कहा कि डेटा को देश के सीमा के बांधकर रखने और दूसरे देश में उसके प्रवाह को रोकने से " यह नवाचार रूपी विशाल समुद्र को झील में बदल देगा। "

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में