26 May 2020, 16:27 HRS IST
  • लॉकडाउन के बीच दिल्ली से अपने घर लौटते प्रवासी श्रमिक
    लॉकडाउन के बीच दिल्ली से अपने घर लौटते प्रवासी श्रमिक
    प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
    प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम अर्थ
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • स्मृति ईरानी ने कंपनियों को और ज्यादा महिला अनुकूल नीतियां अपनाने को कहा

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 18:20 HRS IST

मुंबई, 15 अक्टूबर (भाषा) केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कहा कि विशेषतौर से महिलाओं और बच्चों के लिये बनाये गये कानूनों को भारतीय उद्योग जगत में लागू कराना सरकार के समक्ष एक चुनौती है।

ईरानी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और बचाव के लिये कई तरह की पहल की हैं और अनेक कानून बनाये हैं। इनका मकसद है कि महिलाओं और बच्चों को जल्द न्याय मिले। स्मृति ईरानी ने यहां ब्लूमबर्ग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘आज वास्तविक चुनौती सरकारी नीतियों को कंपनियों के साथ जोड़ना है ताकि कानून का लाभ सभी महिलाओं तक पहुंच सके। ’’ कपड़ा मंत्री ईरानी ने कहा कि कामकाजी महिलायें बेहतर ढंग से अपने बच्चे की देखभाल कर सकें सरकार ने इस दिशा में पहल की है। इसके साथ ही नौकरी पेशा महिलाओं के लिये मातृत्व और पुरुषों के लिये पितृत्व अवकाश भी बढ़ाया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिये कि महिलाओं को यह महसूस नहीं हो कि उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है विशेषकर ऐसे मामलों में जहां उन्हें आगे प्रोन्नत किया जा सकता है।’’

ईरानी ने कहा कि सरकार ने न केवल श्रम कानूनों को संहिताबद्ध किया है बल्कि इस बात का भी ध्यान रखा है कि महिलाओं को उनके संगठित या फिर असंगठित जहां भी वह काम करतीं हैं, उन्हें सुरक्षित महसूस हो।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा किसी देश विशेष से जुड़ा मुद्दा नहीं है। सरकार ने बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिये कानून पारित किये हैं।

ईरानी ने कहा कि पिछले पांच साल के दौरान देश महिलाओं के विकास से आगे बढ़कर महिलाओं के नेतृत्व में विकास के रास्ते पर पहुंचा है। ‘‘महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के मामले में उन्हें कर्ज उपलब्ध होना एक बड़ी चुनौती रही है। अब तक 37 करोड़ नये खाते खोले गये हैं इसमें करीब 20 करोड़ खाते महिलाओं के हैं। हमने रिण देने की एक नई योजना ‘मुद्रा’ शुरू की है जिसमें बिना किसी गारंटी के महिलाओं को भी कर्ज मिल सकता है। इसके तहत अब तक 20 करोड़ कर्ज दिये गये हैं जिसमें 70 प्रतिशत कर्ज महिलाओं को गये हैं।’’

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।