09 Aug 2020, 19:53 HRS IST
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  • न्यायालय घटनाक्रम राफेल राहुल

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 20:3 HRS IST

नयी दिल्ली, 14 नवंबर (भाषा) राफेल सौदे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘चौकीदार चोर है’ की टिप्पणी उच्चतम न्यायालय के हवाले से गलत तरीके से करने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भविष्य में अधिक सावधानी बरतने की न्यायालय की नसीहत और उन पर अवमानना कार्यवाही बंद करने से जुड़ा घटनाक्रम इस प्रकार है:



10 अप्रैल: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उच्चतम न्यायालय ने चौकीदार (प्रधानमंत्री मोदी) को चोर करार दिया है।

12 अप्रैल: भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने राफेल सौदे पर उच्चतम न्यायालय के हवाले से टिप्पणी करने को लेकर शीर्ष न्यायालय का रुख कर राहुल के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की मांग की।

15 अप्रैल: शीर्ष न्यायालय ने राहुल से उनकी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण मांगा। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसा कोई मौका नहीं था जब उसने इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी की हो।

22 अप्रैल: राहुल ने शीर्ष न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर कहा कि उनकी टिप्पणी वास्तविक धारणा और आम समझ पर आधारित है।

23 अप्रैल: शीर्ष न्यायालय ने राफेल फैसले पर राहुल की टिप्पणी को लेकर उन्हें अवमानना नोटिस जारी किया।

आठ मई: राहुल ने अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया, बिनाशर्त माफी की पेशकश की और कहा कि वह शीर्ष न्यायालय का सम्मान करते हैं।

10 मई : न्यायालय ने राहुल के खिलाफ लेखी की अवमानना याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।

14 नवंबर : न्यायालय ने टिप्पणी को लेकर राहुल को फटकार लगाई। इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया लेकिन उन्हें भविष्य में अधिक सावधानी बरतने की नसीहत देते हुए आपराधिक अवमानना कार्यवाही बंद कर दी।

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