06 Jul 2020, 05:26 HRS IST
  • प्रधानमंत्री जी बोलिए कि चीन ने हमारी जमीन हथियाई,देश आपके साथ है:राहुल
    प्रधानमंत्री जी बोलिए कि चीन ने हमारी जमीन हथियाई,देश आपके साथ है:राहुल
    दुबई के गुरुद्वारे ने भारतीयों की स्वदेश वापसी के लिए पहला चार्टर्ड विमान पंजाब भेजा
    दुबई के गुरुद्वारे ने भारतीयों की स्वदेश वापसी के लिए पहला चार्टर्ड विमान पंजाब भेजा
    सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम की घोषणा 15 जुलाई तक
    सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम की घोषणा 15 जुलाई तक
    सेना प्रमुख ने लद्दाख का दौरा कर हालात का जायजा लिया
    सेना प्रमुख ने लद्दाख का दौरा कर हालात का जायजा लिया
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम राष्ट्रीय
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • पवार और सोनिया के बीच बैठक टलने के आसार

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 23:51 HRS IST

मुंबई, 16 नवम्बर (भाषा) महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ संभावित गठबंधन पर चर्चा के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राकांपा प्रमुख शरद पवार के बीच रविवार को होने वाली बैठक टलने के आसार हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

राकांपा सूत्रों ने शनिवार को बताया कि पवार ने पुणे में रविवार को पार्टी की कोर समिति की एक बैठक बुलाई है जिससे समय पर दिल्ली पहुंचना उनके लिए मुश्किल है।

इससे पूर्व दोनों पार्टियों के सूत्रों ने बताया था कि पवार और गांधी की रविवार को बैठक हो सकती है।

सूत्रों ने कहा, ‘‘कोर समिति की बैठक पुणे में शाम चार बजे शुरू होगी। इसके बाद पवार शाम को दिल्ली रवाना होंगे। इसलिए सोनिया गांधी के साथ बैठक की संभावना कम ही दिखाई पड़ती है।’’

सूत्रों ने बताया कि कोर समिति राकांपा, कांग्रेस और शिवसेना की संभावित गठबंधन सरकार में विभागों के आवंटन पर चर्चा हो सकती है।

उन्होंने बताया कि सरकार गठन पर चर्चा के लिए पवार के सोमवार या मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद सोनिया गांधी के साथ बैठक हो सकती है।’’

राकांपा नेता नवाब मलिक ने शनिवार देर शाम कहा, "पवार तथा राकांपा के नेता मंगलवार को कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करेंगे। उस बैठक में कांग्रेस तय करेगी कि उसे सरकार में शामिल होना है या बाहर से समर्थन देना है।"

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "एक बार इसपर फैसला हो जाए, उसके बाद सरकार गठन के लिये आगे बढ़ा जाएगा।"

कांग्रेस और राकांपा पहले ही सरकार गठन के लिए शिवसेना के साथ एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) की रूपरेखा तय कर चुके है।

मुख्यमंत्री पद के बंटवारे के मुद्दे पर भाजपा और शिवसेना के बीच चली खींचतान के बाद राज्य में 12 नवम्बर को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।