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स्रोत: Nalanda 2.0 Asianet pr 73013
श्रेणी: Business and Finance
नालंदा 2.0 ने अपनी सिग्नेचर मुहिम -‘‘ बिल्डिंग द यूनिवर्सिटी आफ द फ्यूचर इन इंडिया ’’ शुरू करने की घोषणा की
13/04/2018 11:18:28:887AM



नालंदा 2.0 एक फ्रेमोंट

नालंदा 2.0 ने अपनी सिग्नेचर मुहिम -‘‘ बिल्डिंग द यूनिवर्सिटी आफ द फ्यूचर इन इंडिया ’’ शुरू करने की घोषणा की


फ्रेमोंट, कैलिफोर्निया, 11 अप्रैल, 2018, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट।

नालंदा 2.0 ( www.Nalanda2.org ) ने अपनी सिग्नेचर मुहिम- बिल्डिंग द यूनिवर्सिटी आफ द फ्यूचर इन इंडिया ( https://goo.gl/4tSdhL ) शुरू करने की घोषणा की है।


फोटो- https://mma.prnewswire.com/media/664347/Nalanda___university_of_the_future_in_India.jpg


   इस मुहिम की मिसाल पेश करते हुए नालंदा 2.0 के संस्थापक और अध्यक्ष शैल कुमार ने कहा, “महान देश, राज्य और शहर विश्व स्तरीय उच्च शिक्षा प्रणाली से सशक्त बनते हैं। वैश्विक रैंकिंग की टाप 500 में से अमेरिका में 135 विश्वविद्यालय, चीन में 45, दक्षिण कोरिया में 12, कैलिफोर्निया में 12, सिलिकान वैली में 3 और सिंगापुर में दो विश्वविद्यालय हैं। इस टाप 500 रैंकिंग में भारत का सिर्फ एक विश्वविद्यालय है।  70 साल की आज़ादी के बाद भी भारत में एक भी विश्व स्तरीय बहुविभागीय शोध विश्वविद्यालय नहीं है। भारत को ऐसे 100 विश्वविद्यालयों की जरूरत है। अब समय आ गया है कि इसी स्तर का एक विश्वविद्यालय बनाया  जाए जहां संभावनाओं और उत्कृष्टता का स्तर ऊंचा हो जैसा कि प्राचीन भारत में नालंदा विश्वविद्यालय का था और 21वीं सदी के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय का है। ”

   स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और नालंदा 2.0 के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स के सदस्य कृष्णा सारस्वत के मुताबिक, “प्रस्तावित विश्वविद्यालय नई पीढ़ी के नेताओं, शोधकर्ताओं, नवोन्मेषकों और समाज के सभी वर्गों के प्रोफेशनल्स को तैयार करेगा, बुनियादी और एप्लायड शोध संचालित करेगा, अंतरविभागीय ज्ञान एवं शोध में सक्षम बनेगा, नवोन्मेषण और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देगा तथा उद्योग , सरकार एवं राष्ट्र से जुड़ी समस्याओं को हल करेगा।”

   कुमार ने कहा, “अंशधारक इस नजरिये को साकार करने को लेकर उत्साहित हैं। इसमें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू जैसे नेता, सरकारी अधिकारी, उद्योग प्रमुख, शिक्षाविद और शोधार्थी एवं विद्यार्थी शामिल हैं।”

   अगला कदम मार्च 2019 के अंत तक कार्यवाही योग्य मास्टर प्लान विकसित करने को लेकर है। 

   देश के आईटी उद्योग में अग्रणी और नालंदा 2.0 के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स में सदस्य अर्जुन मल्होत्रा ने कहा, “मुझे खुशी है कि हमारे पास शिक्षाविद, शोध एवं उद्योग से जुड़े श्रेष्ठ लोगों का एक असाधारण ग्लोबल एडवाइजरी बोर्ड है जो मास्टर प्लान विकसित करने में हिस्सेदारी करेंगे।” उन्होंने कहा, “भारत और इसके अप्रवासियों के पास एक ऐसा विश्वविद्यालय डिजाइन करने तथा निर्मित करने के लिए विशेषज्ञता तथा वित्तीय संसाधन है जो आने वाले वर्षों में न सिर्फ छात्रों, उद्योग, सरकार और समाज का मूल्य बढ़ाएंगे बल्कि प्राचीन भारत में नालंदा विश्वविद्यालय की तरह ही आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मान बढ़ाएंगे।”


   इस मुहिम और ग्लोबल एडवाइजरी बोर्ड के सदस्यों के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें :


 https://www.universityofthefutureinindia.org/




स्रोतः नालंदा 2.0

संपर्कः शैल कुमार, shail.kumar@Nalanda2.org 

 


 संपादक : यह विज्ञप्ति आपको एशियानेट के साथ हुए समझौते के तहत प्रेषित की जा रही है । पीटीआई पर इसका कोई संपादकीय उत्तरदायित्व नहीं है ।


 

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मीडिया संपर्क विवरण:
Shail Kumar, shail.kumar@Nalanda2.org
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