15 Nov 2018, 16:39 HRS IST
  • भारत की पहली बिना इंजन की रेलगाड़ी ‘ट्रेन18’
    भारत की पहली बिना इंजन की रेलगाड़ी ‘ट्रेन18’
    यूनिसेफ की यूथ एम्बेसडर बनी एथलीट हिमा दास
    यूनिसेफ की यूथ एम्बेसडर बनी एथलीट हिमा दास
    चाचा नेहरू की 129वीं जयंती पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
    चाचा नेहरू की 129वीं जयंती पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
    राहुल और सोनिया के खिलाफ आयकर मामले में चार दिसंबर को अंतिम दलील सुनेगा उच्चतम न्यायालय
    राहुल और सोनिया के खिलाफ आयकर मामले में चार दिसंबर को अंतिम दलील सुनेगा उच्चतम न्यायालय
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम प्रेस विज्ञप्ति व्याप्त प्रेस विज्ञप्ति
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
  • प्रेस विज्ञप्ति


स्रोत: The Genesis Prize Foundation AsiaNet 74314
श्रेणी: General
जस्टिस रूथ बेडर गिंसबर्ग के दौरे ने इजराइल को लैंगिक भेद मिटाने के कार्य में तेजी लाने के लिए प्रेरित किया
10/07/2018 2:25:39:893PM

जेनेसिस फाउंडेशन एक येरूशलेम

जस्टिस रूथ बेडर गिंसबर्ग के दौरे ने इजराइल को लैंगिक भेद मिटाने के कार्यमें तेजी लाने के लिए प्रेरित किया

येरूशलेम, 10 जुलाई, 2018, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट।

- वल्र्ड इकोनामिक फोरम ने इजराइल को 144 देशों में 444 स्थान दिया है, जो एक दशक पहले के मुकाबले 9 स्थान नीचे है।

इजराइली महिलाओं के अधिकारों से जुड़े प्रमुखों, इजराइल सुप्रीम कोर्ट के सदस्यों और अन्य प्रमुख अधिकारियों ने जस्टिस रूथ बेडर गिंसबर्ग द्वारा तेल अवीव और येरूशलेम के प्रेरणादायी दौरे के बाद अपने देश में लैंगिक भेद दूर करने के प्रयासों को तेज करने का संकल्प लिया।

फोटो-  https://mma.prnewswire.com/media/716009/Genesis_RBG_Stan_Polovets.jpg  

फोटो-  https://mma.prnewswire.com/media/716007/Genesis_RBG_award_ceremony.jpg 

फोटो-  https://mma.prnewswire.com/media/716008/Genesis_RBG_Western_Wall.jpg   

फोटो-  https://mma.prnewswire.com/media/716010/Genesis_Jane_Lute.jpg

महिलाओं के अधिकार एवं समानता में प्रगति केलिए अपने शानदार कानूनी कार्य के लिए विख्यात अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस रूथ बेडर गिंसबर्ग ने द जेनेसिस प्राइज फाउंडेशन (जीपीएफ) का प्रतिष्ठित जेनेसिस लाइफटाइम अवार्डग्रहण करने के लिए 3-6 जुलाई कोइजराइल का दौरा किया। इजराइल सुप्रीम कोर्ट के सभी स्थायी जजों और कोर्ट के सभी पूर्व अध्यक्षों ने जस्टिस गिंसबर्ग के सम्मान समारोह में हिस्सा लिया, जो 23 सालों में पहली बार इजराइल दौरे पर आई थीं। जस्टिस के दौरे का वीडियो अवलोकन के लिए देखेंः

https://www.youtube.com/watch?v=nNVhLTHnSz4.

इजराइल सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष ईस्थर हायत ने इजराइल सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस गिंसबर्ग की अगुवानी की और उन्हें विशेष स्मृति पदक सेप्रदान करते हुए कहाः “मेरे सहकर्मी और मैं जस्टिस रूथ बेडर गिंसबर्ग का स्वागत करते हुए खुश हैं जो हम सबके लिए एक  जीती-जागती लीजेंड हैं। उनका दौरा लिंगभेद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता की याद दिलाता है, जिसका हमने उनके साथ साझा किया है।”

जस्टिस गिंसबर्ग का दौरा इजराइल के महिला एनजीओ के प्रमुखों के साथ कई कार्यक्रमों की शृंखला के केंद्र में रहा और इजराइल में लिंगभेद मिटाने की मुहिम के लिए एक नई प्रेरणा मिली। इसके बाद इजराइल और उत्तरी अमेरिका में द जेनेसिस प्राइज फाउंडेशन की प्रतिस्पर्धा देने की घोषणा के संदर्भ में आयोजित किया गया, जो महिलाओं के अधिकारों से जुड़े संगठनों के सहयोग के लिए 3 मिलियन डाॅलर का फंड जुटाने के लिए अपेक्षित होगा। जीपीएफ महिलाओं के लिए सामाजिक-आर्थिक अवसरों में वृद्धि, उनके प्रति हिंसा रोकने, इजराइल के अल्पसंख्यक समुदायों में लिंग समानता को बढ़ावा देने, यहूदी सांप्रदायिक कार्यस्थलों में उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई और विज्ञान, इंजीनियरिंग तथा गणित (स्टेम) में कैरियर बनाने की इच्छुक लड़कियों और युवतियों को प्रोत्साहित करने के मकसद से इन मुद्दों पर काम करने वाली संस्थाओं के लिए अनुदान जारी करने का इरादा रखती है। इन प्रतिस्पर्धाओं केलिए मुख्य वित्तपोषण जेनेसिस प्राइज फाउंडेशन और इसके पार्टनर इजराइल मानव हितैषी मारिस खान से जुटाया जाता है।

जेनेसिस प्राइज फाउंडेशन केसह-संस्थापक एवंचेयरमैन स्टैन पोलोवेट्स ने कहाः “वैश्विक आर्थिक मंच द्वारा प्रकाशित हालिया वैश्विक लिंगभेद रिपोर्टमें इजराइल को 144 देशों की सूची में 44वें स्थान पर रखा है, जो एक दशक पहले के मुकाबले नौ स्थान नीचे है। इजराइल जैसे प्रगतिशील देश की इतनी कम रैंकिंग अस्वीकार्य है। यही प्रचलन है।”

डब्ल्यूईएफ रिपोर्ट पुरुषों और महिलाओं केबीच लगातार 40 फीसदी पारिश्रमिक अंतर बने रहने, राजनीति और वरिष्ठ सरकारी पदों पर महिलाओं की निम्न भागीदारी तथा प्राइवेट सेक्टर में शीर्षप्रबंधन भूमिकाओं मेंअपर्याप्त प्रतिनिधित्व के कारण इजराइल की रैंकिंग गिरी है।

http://reports.weforum.org/global-gender-gap-report-2017/results-and-analysis/

पोलोवेट्स ने कहा कि नार्वे, फ्रांस, जर्मनी औरब्रिटेन जैसे विकसित देशों की रैंकिंग इजराइल से काफी ऊपर है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल को रवांडा, कोलंबिया, कोस्टा-रिका तथा नामिबिया जैसे विकासशील देशों ने भी पीछे छोड़ दिया है और इन सभी देशों के समाज में महिलाओं तथा पुरुषों केबीच अंतर बहुत मामूली है।

इजराइल में अपने दौरे के दौरान जस्टिस रूथ बेडर गिंसबर्ग ने इजराइल में यहूदी और अरबी महिला संगठनों की 50 से अधिक प्रमुखों से मुलाकात की। इन मुलाकातों में इजराइल की ओर से जेनेसिस प्राइज फाउंडेशन द्वारा दोअन्य प्रमुख हस्तियों को भी शामिल किया गयाः संयुक्त राष्ट्र में यौन उत्पीड़न मामलों केप्रति जवाबदेही सुधारने के लिए विशेष कोआर्डिनेटर जेन ल्यूट और भारत में जानी-मानी कार्यकर्तातथा सेक्स ट्रैफिकिंग के खिलाफ लड़ रहीं सुनीता कृष्णन उनके साथ रहीं। ल्यूट और कृष्णन ने जेनेसिस द्वारा आयोजित कई अन्य कार्यक्रमों को भी संबोधित किया जिनमें महिलाओंके अधिकार तथा महिलाओं के प्रति हिंसा की रोकथाम पर आयोजित सम्मेलन, तेल-अवीव यूनिवर्सिटी में व्याख्यान और एसोसिएशन आफ रेप क्राइसिस सेंटर्स आफ इजराइल के मुख्यालय में कर्मियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें शामिल थीं।

जेन ल्यूट पहले अमेरिकी गृह सुरक्षा की उपमंत्राी के तौर पर काम कर चुकी हैं और अब यौन हिंसा से मुकाबले से संबंधित मुद्दों पर यूएन महासचिव के साथ सीधे तौर पर काम करती हैं। उन्होंने कहाः “मैं इजराइली महिलाओं के समर्पण और प्रोफेशनलिज्म को देखकर काफी प्रभावित हुई हूं। महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हिंसा रोकने के कार्य और इजराइल में लिंग समानता लाने के उनके प्रयास प्रेरणादायी और सराहनीय हैं।” इजराइल में महिला अधिकारों केएनजीओ के साथ ल्यूट की मुलाकात महिलाओं के खिलाफ हिंसा की रोकथाम केलिए एक व्यवस्थित उपाय पर केंद्रित थी जिसमें प्रशिक्षण और शिक्षा,  और जांच के केंद्र में पीड़ितों के अधिकारों एवं सम्मान को रखते हुए दंड की माफी समाप्त करना शामिल है।

प्रसिद्ध इजराइली मानवाधिकार कार्यकर्ता नैटन शारांक्सी ने 2014 में जेनेसिस पुरस्कार स्थापित करने में मदद की थी और इसकी चयन समिति के चेयरमैन के तौर पर सेवाएं देते हैं। उन्होंने भी जस्टिस गिंसबर्ग के साथ चर्चा में हिस्सा लिया। शारांसकी ने वेस्टर्न वाल में समतावादी व्यवस्था स्थापित करने के लिए अगुवाई की और जस्टिस गिंसबर्ग को यहूदियों के एक सबसे पवित्रा स्थल का दौरा कराया। उन्होंने कहाः “जस्टिस गिंसबर्ग का दौरा हमें यह याद दिलाता है कि महिलाओं के अधिकारों और समानता पर जोर देना कितना महत्वपूर्ण है क्योंकि इजराइली समाज केसामने आने वाली अन्य दबावकारी चुनौतियों से निपट रहे हैं। मुझे खुशी है कि जेनेसिस प्राइज फाउंडेशन इस मुद्दे पर केंद्रित हो रही है।”

शारांसकी ने कहा कि जीपीएफ धर्मनिष्ठ महिलाओं के समर्थन में शादियों और तलाक को लेकर भी लिंग समानता पर केंद्रित रहेगी, जो इजराइल में रह रहीं अरब, द्रुज, बेडोइन तथा हेरेडी समुदायों की अल्पसंख्यक महिलाओं की स्थिति में सुधार लाएगी क्योंकि ये महिलाएं असमानता से जूझ रही हैं । इसके अलावा इजराइल की सभी महिलाओं को हिंसा का विरोध करनेके लिए सशक्त बनाया जाएगा।

इजराइल के महिला आंदोलन की प्रमुख हस्तियों में से एक प्रोफेसर और इजराइल में एक विश्वविद्यालय की प्रमुख एलिजा शेनहर ने कहाः “अपने अस्तित्व के 70 साल के इतिहास में इजराइल ने महिलाओं की स्थिति में अहम सुधार किए हैं। अभी जब तक लिंगभेद बना हुआ है, तब तक बहुत कुछ और किए जाने की जरूरत है। यही वजह है कि जस्टिस गिंसबर्ग सेमिलने का अवसर हम सभी के लिए इतना महत्वपूर्ण है। आरबीजी एक प्रेरणा और रोल माडल हैं जिन्होंने अपने दौरे में हमें अपना काम तब तक जारी रखनेके लिए प्रोत्साहित किया है , जब तक कि पुरुषों और महिलाओं की स्थिति सही मायने में बराबर न हो जाए।”

स्रोतः द जेनेसिस प्राइज फाउंडेशन

संपर्कः अली रोजः  arose@genesisprize.org, 267 738 0677


संपादक : यह विज्ञप्ति आपको एशियानेट के साथ हुए समझौते के तहत प्रेषित की जा रही है । पीटीआई पर इसका कोई संपादकीय उत्तरदायित्व नहीं है। 

पीआरन्यूजवायर- एशियानेटः रंजन

संपर्क:
मीडिया संपर्क विवरण:
 Bookmark with:   Delicious |  Digg |  Reditt |  Newsvine
    • arrow  प्रेस विज्ञप्ति
  • pti