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स्रोत: Vision Impact Institute
श्रेणी: Medical and Health Care
विजन इम्पैक्ट इंस्टीट्यूट ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं और लड़कियों के लिए अच्छी दृष्टि की महत्वपूर्ण भूमिका का वर्णन किया
08/03/2019 1:56:44:370PM

 विजन इम्पैक्ट इंस्टीट्यूट ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं और लड़कियों के लिए अच्छी दृष्टि की महत्वपूर्ण भूमिका का वर्णन किया 


 

डलास, 7 मार्च, 2019, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट। 

- विजन फाॅर बैलेंस मुहिम महिलाओं को चश्मा पहनने से रोकने के कलंक को खत्म करने की कोशिश है।

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और विजन इम्पैक्ट इंस्टीट्यूट महिलाओं और लड़कियों के लिए अधिक संतुलित विश्व (https://c212.net/c/link/?t=0&l=en&o=2397403-1&h=2400180822&u=https%3A%2F%2Fwww.internationalwomensday.com%2FTheme&a=more+balanced+world ) बनाने में अच्छी दृष्टि की अहम भूमिका का वर्णन कर रहे हैं। आज इस संगठन ने महिलाओं और लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए विजन फाॅर बैलेंस (https://c212.net/c/link/?t=0&l=en&o=2397403-1&h=3000914636&u=https%3A%2F%2Fvisionimpactinstitute.org%2Fvision-for-balance%2F&a=Vision+for+Balance) शुरू किया है जिसमें  बताया जाएगा कि अच्छी दृष्टि से कैसे उनके जीवन पर सकारात्मक असर पड़ा है। 

फोटो-                


 

लोगो-     


विश्व में महिलाओं और लड़कियों के लिए जागरूकता की कमी, विजन केयर केंद्र की सीमित पहुंच और चश्मा पहनने की सांस्कृतिक वर्जनाओं समेत कई अन्य कारण अच्छी दृष्टि में बाधक हैं। विजन इम्पैक्ट इंस्टीट्यूट के वैश्विक कार्यकारी निदेशक क्रिस्टन ग्राॅस (https://c212.net/c/link/?t=0&l=en&o=2397403-1&h=328380927&u=https%3A%2F%2Fvisionimpactinstitute.org%2Fpeople%2Fkristan-gross%2F&a=Kristan+Gross) कहते हैं, “वैश्विक स्तर पर सभी तरह के लोगों में दृष्टिबाधा के मामले में महिलाओं की भागीदारी 55 फीसदी (https://c212.net/c/link/?t=0&l=en&o=2397403-1&h=2617347275&u=https%3A%2F%2Fwww.iapb.org%2Fvision-2020%2Fwho-facts%2F&a=55+percent ) और विश्व नेत्रहीनता के मामले में दो तिहाई (https://c212.net/c/link/?t=0&l=en&o=2397403-1&h=980533233&u=https%3A%2F%2Fwww.iapb.org%2Fknowledge%2Fwhat-is-avoidable-blindness%2Fgender-and-blindness%2F&a=two-thirds ) है, लिहाजा यह महत्वपूर्ण है कि उन्हें दृष्टि सुधार की सुविधा मिलनी चाहिए। कई जगहों पर जो महिला या लड़की चश्मा पहनती है, उन्हें लंबे समय से प्रचलित वर्जनाओं का सामना करना पड़ता है, कई बार तो शादी के लिए उनकी क्षमता से इसे जोड़कर देखा जाता है। इस कारण से वह किसी तरह की शिक्षा या रोजगार के अवसर भी खो सकती हैं जिससे उनके भविष्य की दिशा तय हो सकती है।” 

 

सात से 15 साल की ग्रामीण भारतीय छात्राओं पर किया गया एक हालिया अध्ययन (https://c212.net/c/link/?t=0&l=en&o=2397403-1&h=421244719&u=https%3A%2F%2Fvisionimpactinstitute.org%2Fresearch%2Frefractive-error-children-rural-population-india%2F&a=study ) बताता है कि लड़कियों में मायोपिया की दर अधिक है, जो दर्शाता है कि ऐसे हमउम्र लड़कों के मुकाबले लड़कियों  में दृष्टि सुधार की अधिक जरूरत है। आठवीं से दसवीं कक्षा के छात्रों पर किए गए एक और अध्ययन (https://c212.net/c/link/?t=0&l=en&o=2397403-1&h=1004905176&u=https%3A%2F%2Fvisionimpactinstitute.org%2Fresearch%2Fstudy-assess-psychosocial-aspects-refractive-errors-effectiveness-health-education-correcting-stigmas-related-spectacle-use-high-school-students-rural-india%2F&a=another+study ) में पाया गया है कि चश्मा पहनने की बाधाएं खत्म करने के लिए शिक्षा की जरूरत अनिवार्य है, निष्कर्ष बताता है कि 32 फीसदी छात्रों ने चश्मा पहनना इसलिए छोड़ दिया क्योंकि वह “विपरीत सेक्स की नजर में अनाकर्षक’’ नहीं दिखना चाहते थे- इनमें से 65 फीसदी लड़कियां ही चश्मा पहनती थीं।

 

ग्राॅस ने कहा, “जब कोई महिला या लड़की चश्मा पहनती है तो जरूरी है कि वह खुद को समाज में एक आत्मविश्वासी सदस्य के रूप में देखे और अपनी सर्वोच्च क्षमता तक पहुंचने की काबिलियत दिखाए।” 

 

विजन फाॅर बैलेंस मुहिम 31 मार्च तक चलेगी। इसमें हिस्सा लेने के लिए पाठक अपनी कहानी यहां साझा कर सकते हैंः 


 

विजन इम्पैक्ट इंस्टीट्यूट के बारे में 

 

विजन इम्पैक्ट इंस्टीट्यूट का उद्देश्य दृष्टि सुधार और सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है ताकि वैश्विक प्राथमिकता के तहत अच्छी दृष्टि प्रदान की जा सके।  

यह संस्था एक पंजीकृत 501 (सी)(3) गैर-लाभकारी संस्था है जिसे नेत्राचिकित्सा विज्ञान में वैश्विक अग्रणी कंपनी एसिलर के विजन फाॅर लाइफ से समर्थन प्राप्त है। विजन इम्पैक्ट इंस्टीट्यूट एक समन्वयक वेब प्लेटफाॅर्म, शोध का एक खास डाटाबेस रखता है जो यहां उपलब्ध है 


स्रोतः विजन इम्पैक्ट इंस्टीट्यूट 


संपादक : यह विज्ञप्ति आपको एशियानेट के साथ हुए समझौते के तहत प्रेषित की जा रही है। पीटीआई पर इसका कोई संपादकीय उत्तरदायित्व नहीं है।

संपर्क:
मीडिया संपर्क विवरण:
एंड्रिया कस्र्टन-कोलमैन ग्लोबल कम्युनिकेशंस मैनेजर andrea.kirsten@visionimpactinstitute.org
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