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स्रोत: Riccardo Polosa, University of Catania
श्रेणी: Medical and Health Care
नई समीक्षा दर्शाती है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के सामान्य प्रयोग से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना नहीं है
13/08/2019 12:01:26:137PM

नई समीक्षा दर्शाती है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के सामान्य प्रयोग से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना नहीं है


ई-सिगरेट के बारे में स्पष्ट सूचना के अभाव के कारण दहनशील सिगरेट के धूम्रपान से और अधिक मौतें हो सकती हैं

13 अगस्त, 2019 (नई दिल्ली) – धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों को आश्वस्त होना चाहिए कि संगत विज्ञान की नई समीक्षा के अनुसार सिगरेट पीने की तुलना में ई-सिगरेटों का सेवन करना श्‍वासकोश के लिए बहुत कम हानिकारक है। श्वसन संबंधी चिकित्सा की विशेषज्ञ समीक्षा (Expert Review of Respiratory Medicine) पत्रिका में प्रकाशित नए लेख में यह दावा किया गया है कि इसका बढ़ता हुआ साक्ष्य है जो यह दर्शाता है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (EC) उत्सर्जन एयरोसोल तंबाकू के धुएं की तुलना में सापेक्ष रूप से सुरक्षित हैं। डॉ. रिकार्डो पोलोसा (Dr. Riccardo Polosa), कैटेनिया विश्वविद्यालय में CoEHAR (क्षति की कमी में तेजी लाने के लिए उत्कृष्टता केंद्र) (Center of Excellence for the Acceleration of HArm Reduction) के निदेशक के नेतृत्व में “श्वसन संबंधी स्वास्थ्य पर ई-सिगरेट एयरोसोल उत्सर्जन का प्रभाव: एक वर्णनात्मक समीक्षा” (The effect of e-cigarette aerosol emissions on respiratory health: a narrative review”) (https://www.tandfonline.com/doi/full/10.1080/17476348.2019.1649146 ) में श्वसन-तंत्र पर ई-सिगरेट के प्रभावों के संबंध में प्रकाशित शोध का आलोचनात्मक आकलन प्रस्तुत किया गया है। 


“धूम्रपान करने वाले जो व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के बारे में कुछ करना चाहते हैं, उनके संबंध में हमारी समीक्षा यह दर्शाती है कि यदि वे छोड़ना नहीं चाहते या पूरी तरह नहीं छोड़ सकते, तो ई-सिगरेट का उपयोग करना बहुत अच्छा विकल्प है। कोई भी व्यक्ति यह सिद्ध नहीं कर सकता कि ई-सिगरेट सौ प्रतिशत सुरक्षित है, लेकिन समस्त विज्ञान यह इंगित करता है कि ई-सिगरेट धूम्रपान करने से बहुत अधिक सुरक्षित है,” डॉ. पोलोसा ने कहा। 


पोलोसा ने आगे कहा: “हम लोक स्वास्थ्य इंग्लैंड (Public Health England) और लंदन चिकित्सक रॉयल कॉलेज (Royal College of Physicians of London) की इस बात से सहमत हैं कि इस आधार पर आगे बढ़ना तर्कसंगत है कि ई-सिगरेट का सेवन करना धू्म्रपान करने से कम से कम 95% कम जोखिमपूर्ण है और संभवतः इससे भी कम जोखिमपूर्ण है।” 

इसके निष्कर्ष दर्शाते हैं कि प्रयोगात्मक अध्ययनों की स्पष्ट एवं सटीक रिपोर्टिंग के अभाव से ई-सिगरेट के श्वसन स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के संबंध में भ्रम की स्थिति बन गई है।


“सिगरेट के सेवन से होने वाली लाखों मौतें एक सतत, आसन्न तथा रोकने योग्य योग्य त्रासदी को दर्शाती हैं जिसके संबंध में अलग-अलग घटकों को लेकर एक तार्किक जोखिम-लाभ विश्लेषण किया जाना चाहिए,” डॉ. पोलोसा ने कहा। “हमारे विचार में ऐसे साक्ष्य की संख्या लगातार बढ़ रही है जो यह दर्शाता है कि सिगरेट को इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट से प्रतिस्थापित करना तंबाकू वाली सिगरेट के प्रयोग में कमी लाने का एक कारगर तरीका है। दुर्भाग्य से, तुलनात्मक जोखिमों के संबंध में उपभोक्ता की समझ विरूपित है, और पिछले कुछ वर्षों में बहुत कम वयस्क धूम्रपान करने वालों ने ई-सिगरेट को तंबाकू वाली सिगरेट से कम हानिकारक समझा है। इन गलत धारणाओं के गंभीर वास्तविक परिणाम होते हैं और इनमें सुधार की आवश्यकता है।”  

पोलोसा और अन्य द्वारा लिखा गया लेख उपर्युक्त में से अधिकतर गलत धारणाओं को ठीक करने और जनता से धूम्रपान करने वालों के व्यक्तिगत तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करने के तरीके के संबंध में बात करते हुए आधिकारिक संदर्भ प्रदान करने के लिए प्रथम प्रयास है। पूर्व में धूम्रपान करने वाले एवं वर्तमान में ई-सिगरेट का प्रयोग करने वाले लोगों तथा धूम्रपान के एवजी के रूप में ई-सिगरेट के प्रयोग की इच्छा रखने वाले लोगों को इन उत्पादों के संभावित जोखिमों तथा लाभों के संबंध में तथ्यात्मक सूचना प्राप्त करने का अधिकार है। जोखिम के सम्प्रेषण में सुधार से ऐसे धूम्रपान करने वाले ई-सिगरेट को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं जो धूम्रपान छोड़ना नहीं चाहते अथवा छोड़ नहीं सकते, और अंततः इससे तंबाकू के सेवन से होने वाली श्वसन रोगों संबंधी कुछ मौतें तथा बीमारियाँ कम हो सकती हैं अथवा रुक सकती हैं। 

इस समीक्षा के लेखकों ने यह भी पाया कि जिन धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों ने सिगरेट को ई-सिगरेट से प्रतिस्थापित किया उन्होंने धूम्रपान के लक्षणों (खांसी, बलगम) में सुधार का अनुभव किया और उनमें साँस के साथ कार्बन मोनोऑक्साइड छोड़ने की मात्रा में कमी आई। ये परिणाम ऐसे धूम्रपान करने वालों के लिए अधिक लाभदायक थे जिन्होंने सिगरेट को पूरी तरह से ई-सिगरेट से प्रतिस्थापित कर दिया।  

दमा और चिरकालिक प्रतिरोधी फुप्फुसीय रोग (chronic obstructive pulmonary disease - COPD) जैसी बीमारियों वाले धूम्रपान करने वालों के लिए ई-सिगरेट प्रयोग करने के लक्षणों पर लाभप्रद प्रभाव हो सकते हैं, हालाँकि फेफड़ों के कार्य संचालन पर ई-सिगरेट के पूर्ण प्रभाव का निर्धारण करने के लिए अतिरिक्त आँकड़ों की आवश्यकता है।  

डॉ. डोनाल्ड तशकिन (Dr. Donald Tashkin), कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में डेविड गेफेन स्कूल ऑफ मेडिसिन में फुप्फुसीय रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर समझाते हैं: “ई-सिगरेट के प्रयोग के श्वसन संबंधी स्वास्थ्य जोखिमों तथा लाभों का निर्धारण करने के लिए सटीक निष्कर्ष देने के लिए वर्तमान शोध डिज़ाइनों में व्यापक सुधार किए जाने की आवश्यकता है। स्पष्ट रूप से, ई-सिगरेट का सेवन करने वाले ऐसे लोगों, जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है, के केवल बड़े, लंबी अवधि के भावी अध्ययन दीर्घावधि स्वास्थ्य पर ई-सिगरेट सेवन वाले उत्पादों के नियमित प्रयोग के किन्हीं संभावित प्रभावों को दर्शाने वाले निर्णायक आंकड़े उपलब्ध करा सकते हैं।” 


डॉ. पोलोसा ने निष्कर्ष में कहा: “इन अध्ययनों की पद्धति तथा व्याख्या के साथ समस्याओं के कारण चुनौतीपूर्ण गैर-सूचनात्‍मक अथवा भ्रामक शोध पर्याप्त नहीं है। प्रयोग की सामान्य स्थिति में मानव स्वास्थ्य पर ई-सिगरेट के प्रयोग के प्रभाव का पर्याप्त रूप से आकलन करने के लिए आम गलतियों को ठीक करना तथा मजबूत एवं वास्तविक पद्धति संबंधी सिफ़ारिशें तैयार करना अत्यावश्यक है। मानकीकृत पद्धतियों को अपनाने से बेहतर तंबाकू क्षति नियंत्रण विज्ञान को सक्षम बनाया जा सकता है।”  

संपादकों के लिए टिप्पणियाँ - लेखकों की जीवनियाँ:  

रिकार्डो पोलोसा (Riccardo Polosa), MD, PhD, कैटेनिया विश्वविद्यालय (इटली) में आंतरिक चिकित्सा के पूर्णकालिक प्रोफेसर हैं और इसी विश्वविद्यालय के अंदर क्षति नियंत्रण में तेजी संबंधी उत्कृष्टता केंद्र (CoEHAR) के निदेशक हैं। वे यूरोपीय मानकीकरण समिति (European Committee for Standardization) (CEN/TC 437) में “इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उत्सर्जन के लिए अपेक्षाएं एवं परीक्षण पद्धतियाँ” संबंधी यूरोपीय कार्य समूह के संयोजक हैं। डॉ. पोलोसा इतालवी धूम्रपान-रोधी संघ (Italian Antismoking League - LIAF) द्वारा प्रचारित “इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट शोध संबंधी वैज्ञानिक समिति” के समन्वयक भी हैं।  

रेनी ओ’लीरी (Renée O’Leary), PhD, एक साहित्य समीक्षा परामर्शदाता हैं (21वीं सदी साहित्य समीक्षा) और तंबाकू नियंत्रण के शोधकर्ता हैं, तथा कनाडियाई पदार्थ उपयोग शोध संस्थान (Canadian Institute for Substance Use Research) (विक्टोरिया, कनाडा) में अनुसंधान सहयोगी हैं। वे इस साक्ष्य रिपोर्ट, हवा को आर्द्रता मुक्त करना: की लेखिका हैं ई-सिगरेट तथा ई-सिगरेट सेवन संबंधी उपकरणों की हानियों तथा लाभों की एक पद्धतिबद्ध समीक्षा (2017), और एक ई-सिगरेट नीति लेख, ई-सिगरेट सेवन संबंधी उपकरण (ई-सिगरेट) विनियम में दावे: एक वर्णनात्मक नीति ढांचा विश्लेषण।    

डॉ. डोनाल्ड तशकिन (Dr. Donald Tashkin), MD, लॉस एंजेलेस, कैलिफोर्निया में फुप्फुसीय रोग विशेषज्ञ और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजेलेस में डेविड गेफेन स्कूल ऑफ मेडिसिन में मेडिसिन प्रोफेसर हैं। पिछले 2 दशकों में वे मैरिजुयाना का प्रयोग करने वालों पर इसके प्रभाव के नैदानिक मूल्यांकन के क्षेत्र में प्रमुख वक्ता रहे हैं और उन्होंने मैरिजुयाना के प्रभावों को समझने और इसके चिरकालिक प्रतिरोधी फुप्फुसीय रोग सहित अन्य फुप्फुसीय स्थितियों के साथ संबंधों को समझने संबंधी प्रयासों का नेतृत्व किया है।  

रोज़ेलिया एम्मा (Rosalia Emma), M.Sc., PhD, कैटेनिया विश्वविद्यालय में शोधकर्ता हैं। वे वर्तमान में इसी विश्वविद्यालय के जैवचिकित्सा विज्ञान एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेटों के तरल पदार्थों के विषाक्तता आकलन संबंधी एक अध्ययन कर रही हैं।

डॉ. मस्सिमो करुसो (Massimo Caruso), M.Sc., PhD, एक शोधकर्ता हैं और वे कैटेनिया विश्वविद्यालय में इम्यूनोपैथोलोजी के अनुबंध प्रोफेसर हैं, और उन्हें दमे तथा श्वसन संबंधी अन्य बीमारियों के जीववैज्ञानिक पहलुओं में विशेषज्ञता प्राप्त है। वे तंबाकू उद्योग द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेटों पर किए गए विभिन्न विषाक्तता संबंधी आकलनों में प्रयुक्त पद्धति की गुणवत्ता का सत्यापन करने के लिए एक अध्ययन कर रहे हैं। 

स्रोत: रिकार्डो पोलोसा, कैटेनिया विश्वविद्यालय

संपादक : यह विज्ञप्ति आपको एशियानेट के साथ हुए समझौते के तहत प्रेषित की जा रही है। पीटीआई पर इसका कोई संपादकीय उत्तरदायित्व नहीं है।
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CoEHAR प्रेस कार्यालय ई-मेल: valeria.nicolosi@coehar.it, valeria.nicolosi@hotmail.it कैटेनिया विश्वविद्यालय का प्रेस कार्यालय ई-मेल: stampa@unict.it
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