ईडब्ल्यूएस विवाद-आरक्षण के सामाजिक, वित्तीय निहितार्थ, जो दबे-कुचलों से संबद्ध हैं : न्यायालय

Updated: Sep 22 2022 10:50PM

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने गरीबी को ‘अस्थायी’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उच्च जातियों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण देने के बजाय ‘शुरुआती स्तर’ पर ही छात्रवृत्ति जैसे विभिन्न सकारात्मक उपायों के जरिये बढ़ावा दिया जा सकता है।.

शीर्ष अदालत ने कहा कि आरक्षण शब्द के सामाजिक और वित्तीय सशक्तीकरण के संबंध में भिन्न-भिन्न निहितार्थ हैं और यह (आरक्षण) उन वर्गों के लिए होता है जो सदियों से दबे-कुचले होते हैं।.